उद्देश्य अनुसार मंत्र
देवी अपराजिता
देवी अपराजिता काम्य मंत्र
हारेण तु विचित्रेण भास्वत्कनकमेखला। अपराजिता भद्ररता करोतु विजयं मम॥
गम्भीर बीमारी, कोर्ट केस, प्रबल शत्रु, चुनाव, प्रतियोगिता और तंत्र बाधा आदि में पूर्ण विजय और अभूतपूर्व सफलता 24।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारकाम्य मंत्र
प्रयोजन
यह मंत्र क्यों?
गम्भीर बीमारी, कोर्ट केस, प्रबल शत्रु, चुनाव, प्रतियोगिता और तंत्र बाधा आदि में पूर्ण विजय और अभूतपूर्व सफलता 24।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
गम्भीर बीमारी, कोर्ट केस, प्रबल शत्रु, चुनाव, प्रतियोगिता और तंत्र बाधा आदि में पूर्ण विजय और अभूतपूर्व सफलता
जाप विधि
२१ दिनों तक नित्य उच्च स्वर में ८ बार पाठ/जप करें 24।
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