भगवती नारायणी काम्य मंत्र
सृष्टिस्थितिविनाशानां शक्तिभूते सनातनि। गुणाश्रये गुणमये नारायणि नमोऽस्तु ते॥
कार्यक्षेत्र में अपार सफलता हेतु शारीरिक, मानसिक और आत्मिक शक्ति की प्राप्ति 28।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
कार्यक्षेत्र में अपार सफलता हेतु शारीरिक, मानसिक और आत्मिक शक्ति की प्राप्ति 28।
इस मंत्र से क्या होगा?
कार्यक्षेत्र में अपार सफलता हेतु शारीरिक, मानसिक और आत्मिक शक्ति की प्राप्ति
जाप विधि
सम्पुटित पाठ या देवी की प्रतिमा के समक्ष नित्य जप 28।
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ॐ नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते । शंख चक्र गदाहस्ते महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते ॥ 29
gyan mantraॐ ऐं ह्रीं श्रीं वाग्देव्यै सरस्वत्यै नमः ॥
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sabar mantraओम नमो भूत प्रेत पिशाच दुष्ट दृष्टि विनाशाय ओम क्लीम स्वाहा 27
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