उग्र नृसिंह काम्य मंत्र
ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्॥
प्रबल शत्रुओं का शमन, घोर तंत्र-बाधा का विनाश और सर्व-भय नाश 26।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
प्रबल शत्रुओं का शमन, घोर तंत्र-बाधा का विनाश और सर्व-भय नाश 26।
इस मंत्र से क्या होगा?
प्रबल शत्रुओं का शमन, घोर तंत्र-बाधा का विनाश और सर्व-भय नाश
जाप विधि
जब शत्रु अकारण हानि पहुंचाने पर उतारू हो, तब पूर्ण नियम और संयम से उग्र रूप का ध्यान करते हुए जप करें 26।
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ॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षं शान्तिः पृथिवी शान्तिरापः शान्तिरोषधयः शान्तिः । वनस्पतयः शान्तिर्विश्वेदेवाः शान्तिर्ब्रह्म शान्तिः सर्वं शान्तिः शान्तिरेव शान्तिः सा मा शान्तिरेधि ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
beej mantraक्म्लीः
navgrah mantraॐ शं नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये। शं योरभि स्रवन्तु न:।।
mool mantraॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
stotra mantraमहालक्ष्म्यष्टक स्तोत्रं यः पठेद्भक्तिमान्नरः । सर्वसिद्धिमवाप्नोति राज्यं प्राप्नोतिसर्वदा ॥ एककाले पठेन्नित्यं महापापविनाशनम् । द्विकालंयःपठेन्नित्यं धनधान्यसमन्वितः ॥ त्रिकालं यःपठेन्नित्यं महाशत्रुविनाशनम् । महालक्ष्मीर्भवेन्नित्यंप्रसन्न वरदा शुभा ॥ 29
dhyan mantraॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥