उग्र नृसिंह उग्र मंत्र
ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्॥
मृत्यु और अकाल मृत्यु पर विजय, सर्वव्यापी उग्र ऊर्जा से रक्षा, मारण प्रयोग एवं भयंकर अस्त्रों से बचाव 27।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
मृत्यु और अकाल मृत्यु पर विजय, सर्वव्यापी उग्र ऊर्जा से रक्षा, मारण प्रयोग एवं भयंकर अस्त्रों से बचाव 27।
इस मंत्र से क्या होगा?
मृत्यु और अकाल मृत्यु पर विजय, सर्वव्यापी उग्र ऊर्जा से रक्षा, मारण प्रयोग एवं भयंकर अस्त्रों से बचाव
जाप विधि
प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। कुशा के आसन पर बैठकर रुद्राक्ष की माला से 108 बार जप करें। नृसिंह भगवान का ऋतुफल, पुष्प, पञ्चगव्य आदि से पूजन अनिवार्य है 27।
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