कालरात्रि (दीपनी विद्या) उग्र मंत्र
अं ङं ञं णं नं मं
कालविनाशिनी शक्ति का जागरण, और अन्य मंत्रों को 100 गुना अधिक वेगवान (Powerful) व मारक बनाना 9।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
कालविनाशिनी शक्ति का जागरण, और अन्य मंत्रों को 100 गुना अधिक वेगवान (Powerful) व मारक बनाना 9।
इस मंत्र से क्या होगा?
कालविनाशिनी शक्ति का जागरण, और अन्य मंत्रों को 100 गुना अधिक वेगवान (Powerful) व मारक बनाना
जाप विधि
कुंडलिनी के मुख में ध्यान करते हुए प्रणव (ॐ) के साथ दीपनी विद्या के रूप में इस षडक्षर मंत्र का जाप किया जाता है 9।
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kavach mantraश्रीम क्लीम सरस्वती बुद्ध जन्य स्वाहा सततम मंत्र राजोयम दक्षिणे मां सदावतु ऐम ह्रीम श्रीम क्लीम त्र्यक्षरो मंत्रो नैऋत्यम सर्वदावतु ओम ऐकवासिन्य स्वाहा मां वारुणेवतु ओम सर्वांबिकाय स्वाहा वायव्यमा सदावतु ओम ऐम श्रीम क्लीम गद्यवासिन्य स्वाहा माम उत्तरेवतु ऐम सर्वशास्त्र वासिन्ये स्वाहान्य सदा ओम ह्रीम सर्व पूजिता स्वाहा चोरध्वं सदावतु ओम ह्रीम पुस्तक वासिन्य स्वाहा धोमांम सदावतु ओम ग्रंथ बीज स्वरूपाय स्वाहा मां सर्वतो वतु इति कथित विप्र ब्राह्म मंत्र विग्रहम इदम विश्व जयं नाम कवचम ब्रह्म रूपकम पंचलक्ष जपे नैव सिद्धमु कवचम भवे यदि सिद्ध कवचो बृहस्पति समो भवे महा वाग्मी कविंद्र त्रैलोक्य विजयी भवेत 27