महाकाली (शत्रुनाशक उग्र रूप) उग्र मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं महाकालिकायै सर्व शत्रु नाशाय नाशाय
तुरंत फल प्राप्ति, शत्रु का अत्यंत तीव्र मारण व समस्त भयंकर संकटों का नाश 39।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
तुरंत फल प्राप्ति, शत्रु का अत्यंत तीव्र मारण व समस्त भयंकर संकटों का नाश 39।
इस मंत्र से क्या होगा?
तुरंत फल प्राप्ति, शत्रु का अत्यंत तीव्र मारण व समस्त भयंकर संकटों का नाश
जाप विधि
अष्टमी के दिन साधक काले तिल, काली मिर्च और घी को समान अनुपात में मिलाकर इस मंत्र से 1000 आहुतियां दें (गुरु दीक्षा के पश्चात्) 38।
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