ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
भैरवी गायत्री

भैरवी गायत्री सिद्ध मंत्र

ॐ त्रिपुरायै विद्महे महाभैरव्यै धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात् ॥

शारीरिक और मानसिक स्तर पर जमी हुई गहरी नकारात्मकता की सफाई 34। यह चेतना को निर्मल करता है, अवांछित बाधाओं को स्वतः हटा देता है, और साधक को सर्वोच्च आध्यात्मिक कल्याण (Highest good) के लिए तैयार करता ह

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारसिद्ध मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

शारीरिक और मानसिक स्तर पर जमी हुई गहरी नकारात्मकता की सफाई 34। यह चेतना को निर्मल करता है, अवांछित बाधाओं को स्वतः हटा देता है, और साधक को सर्वोच्च आध्यात्मिक कल्याण (Highest good) के लिए तैयार करता है 34।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

शारीरिक और मानसिक स्तर पर जमी हुई गहरी नकारात्मकता की सफाई 34

02

यह चेतना को निर्मल करता है, अवांछित बाधाओं को स्वतः हटा देता है, और साधक को सर्वोच्च आध्यात्मिक कल्याण (Highest good) के लिए तैयार करता है

जाप विधि

साधना से पूर्व शरीर और ऊर्जा चक्रों की पूर्ण शुद्धि की जाती है 34। लाल वस्त्र पहनकर, लाल आसन पर बैठकर घी का दीपक प्रज्वलित करें 34। नित्य १०८ बार क्लीं बीज के साथ ध्यान कर जप करते हुए देवी से प्रार्थना करें कि वे सभी अनुपयोगी तत्वों को जीवन से हटा दें 34।

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