राहु नवग्रह मंत्र
ॐ नाकध्वजाय विद्महे पद्महस्ताय धीमहि तन्नो राहुः प्रचोदयात्।
सर्प भय निवारण, छिपे हुए खजाने या गुप्त धन की प्राप्ति और अतीन्द्रिय क्षमता (Sixth sense) के विकास हेतु। 16
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सर्प भय निवारण, छिपे हुए खजाने या गुप्त धन की प्राप्ति और अतीन्द्रिय क्षमता (Sixth sense) के विकास हेतु। 16
इस मंत्र से क्या होगा?
सर्प भय निवारण, छिपे हुए खजाने या गुप्त धन की प्राप्ति और अतीन्द्रिय क्षमता (Sixth sense) के विकास हेतु
जाप विधि
ग्रहण काल या अमावस्या की रात्रि में एक सौ आठ बार जप। 16
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