बुध नवग्रह मंत्र
ॐ सौम्यरूपाय विद्महे बाणेशाय धीमहि तन्नो बुधः प्रचोदयात्।
मित्रों और संबंधियों के साथ विवादों का शमन, कूटनीति में सफलता और सौम्य व आकर्षक व्यक्तित्व के निर्माण हेतु। 16
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
मित्रों और संबंधियों के साथ विवादों का शमन, कूटनीति में सफलता और सौम्य व आकर्षक व्यक्तित्व के निर्माण हेतु। 16
इस मंत्र से क्या होगा?
मित्रों और संबंधियों के साथ विवादों का शमन, कूटनीति में सफलता और सौम्य व आकर्षक व्यक्तित्व के निर्माण हेतु
जाप विधि
बुधवार को हरे रंग के वस्त्र धारण कर एक सौ आठ बार पन्ना माला से जप। 16
विशेष टिप्पणियाँ
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इन्द्र वाजेषु नोऽव सहस्त्रप्रधनेषु च। उग्र उग्राभिरूतिभिः॥
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