बुध नवग्रह मंत्र
ॐ सौम्यरूपाय विद्महे बाणेशाय धीमहि तन्नो बुधः प्रचोदयात्।
मित्रों और संबंधियों के साथ विवादों का शमन, कूटनीति में सफलता और सौम्य व आकर्षक व्यक्तित्व के निर्माण हेतु। 16
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
मित्रों और संबंधियों के साथ विवादों का शमन, कूटनीति में सफलता और सौम्य व आकर्षक व्यक्तित्व के निर्माण हेतु। 16
इस मंत्र से क्या होगा?
मित्रों और संबंधियों के साथ विवादों का शमन, कूटनीति में सफलता और सौम्य व आकर्षक व्यक्तित्व के निर्माण हेतु
जाप विधि
बुधवार को हरे रंग के वस्त्र धारण कर एक सौ आठ बार पन्ना माला से जप। 16
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siddh mantraॐ वद वद वाग्वादिनि स्वाहा
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vaidik mantraॐ यज्जाग्रतो दूरमुदैति दैवं तदु सुप्तस्य तथैवैति । दूरंगमं ज्योतिषां ज्योतिरेकं तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु ।।
naam mantraअच्युत
shanti mantraॐ वाङ् मे मनसि प्रतिष्ठिता । मनो मे वाचि प्रतिष्ठितम् । आविरावीर्म एधि । वेदस्य म आणीस्थः । श्रुतं मे मा प्रहासीः । अनेनाधीतेनाहोरात्रान्सन्दधामि । ऋतं वदिष्यामि । सत्यं वदिष्यामि । तन्मामवतु । तद्वक्तारमवतु । अवतु माम् । अवतु वक्तारम् । अवतु वक्तारम् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥