बुध नवग्रह मंत्र
ॐ उद्बुध्यस्वाग्ने प्रति जागृहि त्वमिष्टापूर्ते सं सृजेथामयं च। अस्मिन्त्सधस्थे अध्युत्तरस्मिन् विश्वे देवा यजमानश्च सीदत।।
कुंडली में बुध के मीन राशि (नीच) में होने, राहु के साथ जड़त्व दोष बनाने पर उत्पन्न वाणी दोष (हकलाना), स्नायु तंत्र (Nervous system) व चर्म रोग, शिक्षा में एकाग्रता की भयंकर कमी और व्यापारिक घाटे के शा
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
कुंडली में बुध के मीन राशि (नीच) में होने, राहु के साथ जड़त्व दोष बनाने पर उत्पन्न वाणी दोष (हकलाना), स्नायु तंत्र (Nervous system) व चर्म रोग, शिक्षा में एकाग्रता की भयंकर कमी और व्यापारिक घाटे के शास्त्रसम्मत निवारण हेतु। 1
इस मंत्र से क्या होगा?
कुंडली में बुध के मीन राशि (नीच) में होने, राहु के साथ जड़त्व दोष बनाने पर उत्पन्न वाणी दोष (हकलाना), स्नायु तंत्र (Nervous system) व चर्म रोग, शिक्षा में एकाग्रता की भयंकर कमी और व्यापारिक घाटे के शास्त्रसम्मत निवारण हेतु
जाप विधि
बुधवार को बुध की होरा अथवा अश्लेषा, ज्येष्ठा या रेवती नक्षत्र में उत्तर दिशा की ओर मुख करके अनुष्ठान प्रारंभ करें। हरे आसन पर पन्ना या रुद्राक्ष की माला से चालीस दिनों के भीतर नौ हजार बार जप पूर्ण करें। अपामार्ग (चिरचिटा) की समिधा से हवन का विशेष विधान है। 4
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