सूर्य नवग्रह मंत्र
ॐ ह्सौः श्रीं आं ग्रहाधिराजाय आदित्याय स्वाहा॥
उच्च प्रशासनिक पदों पर निर्विघ्न सफलता, झूठे राजकीय दंड या मुकदमों से स्थायी बचाव, समाज में वर्चस्व की स्थापना और ग्रहाधिराज सूर्य की विशिष्ट तांत्रिक सिद्धि एवं सम्मोहन शक्ति प्राप्त करने हेतु यह आगम
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यह मंत्र क्यों?
उच्च प्रशासनिक पदों पर निर्विघ्न सफलता, झूठे राजकीय दंड या मुकदमों से स्थायी बचाव, समाज में वर्चस्व की स्थापना और ग्रहाधिराज सूर्य की विशिष्ट तांत्रिक सिद्धि एवं सम्मोहन शक्ति प्राप्त करने हेतु यह आगम मंत्र प्रयुक्त होता है। 8
इस मंत्र से क्या होगा?
उच्च प्रशासनिक पदों पर निर्विघ्न सफलता, झूठे राजकीय दंड या मुकदमों से स्थायी बचाव, समाज में वर्चस्व की स्थापना और ग्रहाधिराज सूर्य की विशिष्ट तांत्रिक सिद्धि एवं सम्मोहन शक्ति प्राप्त करने हेतु यह आगम मंत्र प्रयुक्त होता है
जाप विधि
रविवार के दिन सूर्योदय काल में लाल वस्त्र धारण कर तांबे के सूर्य यंत्र अथवा भोजपत्र पर अष्टगंध से निर्मित यंत्र के समक्ष लाल चंदन की माला से नित्य एक माला जप का विधान तंत्र शास्त्रों में वर्णित है। अनुष्ठान के समय अखंड घृत का दीपक प्रज्वलित रहना चाहिए। 8
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sabar mantraझाड़ि झाड़ि कापड़ पिन्दि । वीर मुष्टे बांधि बाल । बुले एलाम मशान भूम होते भैरव। कटार हाते। लोहार बाड़ी। बाम हाते चामदड़ि। आज्ञा दिल राजा चुडं हाते । लोहार किला । मुद्गर धिनि। विगलि घुंडिकार आज्ञे 25
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