बुध नवग्रह मंत्र
प्रियंगुकलिकाश्यामं रूपेणाप्रतिमं बुधम्। सौम्यं सौम्यगुणोपेतं तं बुधं प्रणमाम्यहम्॥
बुध की पापी ग्रहों से युति के कारण उत्पन्न मतिभ्रम और निर्णय लेने की अक्षमता को नष्ट करने, त्वचा में कांति लाने और व्यक्तित्व में अत्यंत सौम्य गुणों के विकास हेतु यह पौराणिक मंत्र प्रभावी है। 13
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
बुध की पापी ग्रहों से युति के कारण उत्पन्न मतिभ्रम और निर्णय लेने की अक्षमता को नष्ट करने, त्वचा में कांति लाने और व्यक्तित्व में अत्यंत सौम्य गुणों के विकास हेतु यह पौराणिक मंत्र प्रभावी है। 13
इस मंत्र से क्या होगा?
बुध की पापी ग्रहों से युति के कारण उत्पन्न मतिभ्रम और निर्णय लेने की अक्षमता को नष्ट करने, त्वचा में कांति लाने और व्यक्तित्व में अत्यंत सौम्य गुणों के विकास हेतु यह पौराणिक मंत्र प्रभावी है
जाप विधि
प्रतिदिन प्रातः काल भगवान विष्णु की पूजा के साथ या स्वतंत्र रूप से एक सौ आठ बार इस श्लोक का पाठ करें। 12
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ अग्निजिह्वा मनव: सूरचक्षसो विश्वे नो देवा अवसागमन्निह ।
sabar mantraराम कुण्डली, ब्रह्मचाक । तेतीस कोटि देवा देवा अमुक की बेड़ियां । अमुकेर अंकेर बाण काटम्। शर काटम् । संधान काटम् । कुज्ञान काटम् । कारवणे काटे । राजा रामचन्द्रेर आज्ञा । राजा रामचन्द्ररे ऐई झण्डी अमुकेर अंगे शीघ्र लागूगे 25
dhyan mantraवसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्। देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥
gyan mantraज्ञानम् आनंद मयं देवं निर्मल स्पटिकाकृतिम् । आधारं सर्व विद्यानां हयग्रीवं उपास्मे ॥
bhakti mantraॐ नमो नारायणाय
siddh mantraॐ श्लीं पशु हुं फट्