केतु नवग्रह मंत्र
पलाशपुष्पसंकाशं तारकाग्रहमस्तकम्। रौद्रं रौद्रात्मकं घोरं तं केतुं प्रणमाम्यहम्॥
तंत्र-मंत्र की बाधाओं का नाश, अज्ञात और रहस्यमयी दुर्घटनाओं से प्राण रक्षा, और पारिवारिक या वैवाहिक जीवन में आ रहे आकस्मिक अलगाव (Detachment) या विच्छेदन को रोकने हेतु महर्षि व्यास का यह पौराणिक मंत्र
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यह मंत्र क्यों?
तंत्र-मंत्र की बाधाओं का नाश, अज्ञात और रहस्यमयी दुर्घटनाओं से प्राण रक्षा, और पारिवारिक या वैवाहिक जीवन में आ रहे आकस्मिक अलगाव (Detachment) या विच्छेदन को रोकने हेतु महर्षि व्यास का यह पौराणिक मंत्र सिद्ध है। 13
इस मंत्र से क्या होगा?
तंत्र-मंत्र की बाधाओं का नाश, अज्ञात और रहस्यमयी दुर्घटनाओं से प्राण रक्षा, और पारिवारिक या वैवाहिक जीवन में आ रहे आकस्मिक अलगाव (Detachment) या विच्छेदन को रोकने हेतु महर्षि व्यास का यह पौराणिक मंत्र सिद्ध है
जाप विधि
नित्य सूर्यास्त के बाद या रात्रि के समय एक सौ आठ बार इस श्लोक का पाठ करें। 12
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