ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
शनि

शनि नवग्रह मंत्र

ॐ ह्रीं श्रीं ग्रहचक्रवर्तिने शनैश्चराय क्लीं ऐंसः स्वाहा॥

शनि की ग्रहीय चक्रवर्तित्व की ऊर्जा से घोर शत्रुओं, अभिचार कर्मों (काले जादू) और अदृश्य तांत्रिक बाधाओं को समूल नष्ट करने तथा गूढ़ सिद्धियों की प्राप्ति हेतु। 8

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारनवग्रह मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

शनि की ग्रहीय चक्रवर्तित्व की ऊर्जा से घोर शत्रुओं, अभिचार कर्मों (काले जादू) और अदृश्य तांत्रिक बाधाओं को समूल नष्ट करने तथा गूढ़ सिद्धियों की प्राप्ति हेतु। 8

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

शनि की ग्रहीय चक्रवर्तित्व की ऊर्जा से घोर शत्रुओं, अभिचार कर्मों (काले जादू) और अदृश्य तांत्रिक बाधाओं को समूल नष्ट करने तथा गूढ़ सिद्धियों की प्राप्ति हेतु

जाप विधि

शनिवार रात्रि काल में लोहे या सीसे के शनि यंत्र के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाकर रुद्राक्ष या काले हकीक की माला से जप। 8

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