बगलामुखी (दिशा बंधन तंत्र) तांत्रिक तांत्रिक मंत्र
ॐ ऐं ऐं महाभैरवि एहि एहि ईशानदिशायां बन्धय बन्धय ईशानमुखं स्तम्भय स्तम्भय ईशानशस्त्रं निवारय निवारय सर्वसैन्यं कीलय कीलय पच पच मथ मथ मर्दय मर्दय ॐ ह्लीं वश्यं कुरु करु ॐ ह्लां बगलामुखि हुं फट् स्वाहा
साधना काल में बाहरी और अदृश्य आसुरी शक्तियों से सुरक्षा तथा सर्व-सैन्य कीलन 35।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
साधना काल में बाहरी और अदृश्य आसुरी शक्तियों से सुरक्षा तथा सर्व-सैन्य कीलन 35।
इस मंत्र से क्या होगा?
साधना काल में बाहरी और अदृश्य आसुरी शक्तियों से सुरक्षा तथा सर्व-सैन्य कीलन
जाप विधि
किसी भी बड़ी तंत्र साधना को प्रारंभ करने से पूर्व दसों दिशाओं को अभिमंत्रित कर बांधने हेतु इस मंत्र का उच्चारण कर जल या पीली सरसों का चारों ओर (ईशान आदि दिशाओं में) छिड़काव करें 35।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ अश्वाध्वजाय विद्महे शूलहस्ताय धीमहि तन्नः केतुः प्रचोदयात्।
sabar mantraगुरु गोरखनाथ की दुहाई, फूल चढ़े तो वह मोहे। शब्द सांचा, पीर मेरा पावना 13
siddh mantraॐ अघोरेभ्यः अथ घोरेभ्यो घोरघोरतरेभ्यश्च । सर्वतः शर्व सर्वेभ्यो नमस्ते रुद्ररूपेभ्यः ॥
naam mantraकालिका
bhakti mantraगोविन्द हरे गोपाल हरे, हे प्रभु दीन दयाला
dhyan mantraविशोका वा ज्योतिष्मती