ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
धूमावती (रोग निवारण माला मंत्र) तांत्रिक

धूमावती (रोग निवारण माला मंत्र) तांत्रिक तांत्रिक मंत्र

ॐ धूम्र लोचनी उग्र रूपिनी सकल विष्छेदिनी सकल विष संचय नाशय नाशय मारय मारय विषमज्वर ताप ज्वर शीत ज्वर वात ज्वर लूत ज्वर पयत्य ज्वर श्लेष्म ज्वर मोह ज्वर संदीपात ज्वर प्रेत ज्वर पिशाच ज्वर कृत्रिम ज्वर सकल रोग निवारिणी सकल ग्रह छेदिनी धूं धूं धूं धूं धूं धूमावती माम रक्षा रक्ष शीघ्रम शीघ्रमाच्छा गच्छ क्षिप्रमेव आरोग्यम कुरु कुरु हुम फट धूम धूम धूमावती स्वाहा

असाध्य ज्वर, पिशाच ज्वर, कृत्रिम तंत्र-जनित रोग, शारीरिक शूल और महामारियों का पूर्ण शमन 30।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारतांत्रिक मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

असाध्य ज्वर, पिशाच ज्वर, कृत्रिम तंत्र-जनित रोग, शारीरिक शूल और महामारियों का पूर्ण शमन 30।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

असाध्य ज्वर, पिशाच ज्वर, कृत्रिम तंत्र-जनित रोग, शारीरिक शूल और महामारियों का पूर्ण शमन

जाप विधि

किसी पात्र में शुद्ध जल लेकर रोगी के समीप बैठकर इस मंत्र को पढ़ते हुए जल को 108 बार अभिमंत्रित करें तथा रोगी पर उस जल का मार्जन (छिड़काव) करें 30।

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