नवार्ण दुर्गा (चामुण्डा) तांत्रिक तांत्रिक मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
सर्व बाधाओं का नाश, नवदुर्गा की सम्मिलित शक्तियों का जागरण, और असीम साहस तथा तंत्र-रक्षा की प्राप्ति 41।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सर्व बाधाओं का नाश, नवदुर्गा की सम्मिलित शक्तियों का जागरण, और असीम साहस तथा तंत्र-रक्षा की प्राप्ति 41।
इस मंत्र से क्या होगा?
सर्व बाधाओं का नाश, नवदुर्गा की सम्मिलित शक्तियों का जागरण, और असीम साहस तथा तंत्र-रक्षा की प्राप्ति
जाप विधि
रुद्राक्ष माला से देवी की प्रतिमा या यंत्र के समक्ष नित्य जप। गुप्त नवरात्रि के दौरान इस मंत्र का पुरश्चरण अत्यंत फलदायी माना गया है। जप से पूर्व कवच, अर्गला और कीलक का तांत्रिक विधान पूर्ण किया जाता है 40।
विशेष टिप्पणियाँ
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ॐ श्री शरवणभवाय नमः
kavach mantraसकलायुध सम्पूर्ण निखिलाङ्ग सुदर्शन यदम कवच दिव्यम परमानंद दायिनं सौदर्शन यो सदा शुद्ध पठे नरह तस्या सिद्धि विपुला करस्था भवति ध्रुवं कोष्माण्ड चण्ड भूता ये दुष्टा ग्रहा स्मृता पलायन्ते निशंभीता वर्मनोस्य प्रभावतः कुष्ठा पस्मा गुलमा व्याध कर्म हेतुका नश्य तन मंत्रिता भूपाना सप्त दिनावधी अनेन मन्त्रिता मृतानां तुलसी मूल संस्थितां ललाटे तिलकं कृत्वा मोहये त्रिजगन्नरः। 17
beej mantraवं, शं, षं, सं
dhyan mantraगुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुर्गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुरेव परंब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
sabar mantraओम नमो आदेश गुरु जी को आदेश पहला गण गणपति 14 विद्या सारथी जति सती कैलाशपति बल भीम मारुती आले विघ्न निवारी साईं गोरखनाथ की दुआही गुरु की शक्ति मेरी भक्ति चले मंत्र ईश्वरी वाचा पिंड कच्चा गुरु गोरखनाथ का शब्द सच्चा 24
mool mantraॐ देवकी सुत गोविंद वासुदेव जगतपते देही मे तनय कृष्ण त्वामह शरणं गतः