मातृका देवी / वर्णेश्वरी (मूलाधार चक्र की पंखुड़ियाँ) बीज बीज मंत्र
वं, शं, षं, सं
यह नाद देवी का साक्षात स्वरूप है, जो मूलाधार चक्र की सुप्त ऊर्जा को जागृत कर कुण्डलिनी शक्ति को ऊपर उठाने का मजबूत आधार प्रदान करता है 3।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
यह नाद देवी का साक्षात स्वरूप है, जो मूलाधार चक्र की सुप्त ऊर्जा को जागृत कर कुण्डलिनी शक्ति को ऊपर उठाने का मजबूत आधार प्रदान करता है 3।
इस मंत्र से क्या होगा?
यह नाद देवी का साक्षात स्वरूप है, जो मूलाधार चक्र की सुप्त ऊर्जा को जागृत कर कुण्डलिनी शक्ति को ऊपर उठाने का मजबूत आधार प्रदान करता है
जाप विधि
मूलाधार चक्र की चार पंखुड़ियों का मानसिक दर्शन करते हुए पूर्ण शुद्धता से जप करें 2।
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