एकाक्षरी शक्तिशाली मंत्र
88 मंत्रप्रौं
पिछले जन्मों के संचित बुरे कर्मों के फलों से रक्षा, जीवन में अत्यधिक स्थिरता और न्याय की प्राप्ति 60।
कें
केतु दोष की सामान्य शांति 63। वैदिक देवता एवं पंचतत्त्व (इंद्र, अग्नि, वायु, वरुण, ईशान)
स्रौं
केतु ग्रह की पूर्ण शांति, जीवन की अप्रत्याशित बाधाओं का नाश और आध्यात्मिक मोक्ष (Salvation) की प्राप्ति 60।
स्रीं
दाद-खाज, कुष्ठ और त्वचा संबंधी सभी गंभीर रोगों से अचूक मुक्ति 71।
स्रां
तर्क क्षमता, उच्च कल्पना शक्ति और उन्नत आध्यात्मिक गुणों (Intuition) का तीव्र विकास 71।
रां
राहु ग्रह की सामान्य शांति और आध्यात्मिक संतुलन 71।
भ्रौं
राहु के अत्यंत क्रूर प्रभावों की शांति, और तांत्रिक व रहस्यमय शक्तियों (Black magic) से परम रक्षा 60।
भ्रीं
अचानक होने वाले भारी आर्थिक नुकसान, धोखे और षड्यंत्रों से बचाव 71।
भ्रां
अत्यधिक मानसिक तनाव, भ्रम (Illusions) और गृह क्लेश से स्थायी मुक्ति 71।
शं
शनि दोष की सामान्य शांति, दुर्भाग्य से बचाव और आध्यात्मिक अनुशासन का विकास 70।
स्फेम्
भैरव तत्व की जागृति, शिव की परम सुरक्षा ऊर्जा का आह्वान और उच्च स्तरीय तांत्रिक सिद्धियों (Tantric Powers) की प्राप्ति 3। भगवान विष्णु एवं उनके अवतार (नरसिंह, क…
लं
शरीर में पृथ्वी तत्व की जागृति, अत्यधिक भौतिक स्थिरता, देवराज इंद्र के समान ऐश्वर्य और जीवन में आधारभूत सुरक्षा (Foundation) की प्राप्ति 52।
प्रीं
शनि देव के मारक और क्रूर प्रभावों को शांत करना 70।
प्रां
शनि की साढ़े साती और ढैय्या के असहनीय कष्टों से तत्काल मुक्ति 60।
द्रौं
शुक्र दोष का निवारण, वैवाहिक जीवन में प्रगाढ़ प्रेम और हृदय चक्र (Heart Chakra) का संतुलन 66।
द्रीं
प्रचुर भौतिक सुख, असीम विलासिता (Luxury) और समृद्धि की तीव्र प्राप्ति 68।
द्रां
प्रेम, विवाह, आकर्षण और सौंदर्य संबंधी सभी जटिल समस्याओं का अचूक समाधान 66।
ब्रिं
गुरु दोष की सामान्य शांति 65।
ब्रं
सांसारिक ज्ञान, बुद्धिमत्ता और सौभाग्य का तीव्र एवं स्थिर विकास 65।
ग्रौं
गुरु ग्रह के हानिकारक प्रभावों से बचाव, लीवर संबंधी रोगों से रक्षा और क्राउन चक्र (Sahasrara) का जागृतिकरण 66।
ग्रीं
उच्च आध्यात्मिक स्रोतों से गुह्य ज्ञान और अलौकिक बुद्धि की प्राप्ति 68।
भ्रं
यह भ्रम बीज है, जिसका उपयोग जीवन में सकारात्मक और तीव्र बदलाव लाने, अवांछित शक्तियों से रक्षा करने, आकर्षण का केंद्र बनने और परम सुरक्षा कवच निर्मित करने के लिए…
सुं
यह बीज मंत्र तीनों वेदों (ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद) और त्रिदेवों के मिलन का रहस्यमयी नाम है, जो जीवन में त्रिगुण शक्ति का संतुलन करता है 3।
क्ष्रौं
इस उग्र बीज मंत्र में 'क्ष' नरसिंह, 'र' ब्रह्मा और 'औ' ऊर्ध्वमुखी दांतों का प्रतीक है। यह सभी प्रकार के लौकिक और अलौकिक भयों, दुखों और कष्टों का तत्काल नाश करता…
हं, क्षं
यह शिव और शक्ति का परम मिलन है, जो असीम अंतर्ज्ञान (Intuition), दिव्य दृष्टि और द्वैत भाव का विनाश सुनिश्चित करता है 3।
अं, आं, इं, ईं, उं, ऊं, ऋं, ॠं, लृं, ॡं, एं, ऐं, ओं, औं, अं, अः
यह मंत्रों का परम बीज समूह है। यह संचार कौशल की सर्वोच्च शुद्धि और वाक् सिद्धि (Power of speech) प्रदान करता है 3।
कं, खं, गं, घं, ङं, चं, छं, जं, झं, ञं, टं, ठं
दिव्य प्रेम, अपार करुणा, और भय-मुक्त अवस्था की प्राप्ति 3।
डं, ढं, णं, तं, थं, दं, धं, नं, पं, फं
व्यक्तिगत शक्ति, आत्मविश्वास और पाचन अग्नि (Digestive fire) का ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ एकीकरण 3।
बं, भं, मं, यं, लं, रं
जल तत्व की शक्तियों का परिशोधन और रचनात्मक ऊर्जाओं का परम विस्फोट 3।
वं, शं, षं, सं
यह नाद देवी का साक्षात स्वरूप है, जो मूलाधार चक्र की सुप्त ऊर्जा को जागृत कर कुण्डलिनी शक्ति को ऊपर उठाने का मजबूत आधार प्रदान करता है 3।
जूं
जीवन में त्वरण (Quickening), प्रेरणा, और शरीर व मन में नई ऊर्जा का तीव्र संचार 3।
सः
वायु या प्राण तत्व की जागृति, और व्यक्तिगत आत्मा का सार्वभौमिक आत्मा (Universal Soul) के साथ परम एकीकरण 3।
हुं
यह मारक बीमारियों और असाध्य रोगों से मुक्ति (आरोग्यता) दिलाने, शारीरिक स्वास्थ्य की परम रक्षा करने और विपुल सम्पदा व शांति आकर्षित करने के लिए प्रयुक्त होता है…
ग्रां
असीम आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति और विवाह संबंधी बाधाओं व समस्याओं का शत-प्रतिशत निवारण 62।
ॐ
ब्रह्मांडीय नाद ऊर्जा से सीधा जुड़ाव, असीम मानसिक शांति, त्रिदेवों की सम्मिलित कृपा, मन का पूर्ण शुद्धिकरण और समाधि (Samadhi) अवस्था की सर्वोच्च प्राप्ति 3।
कं
समस्त ब्रह्मांड के रचनाकार और पालनकर्ता का विशेष आशीर्वाद व रचनात्मक ऊर्जा (Creative energy) प्राप्त करना 37।
खं
परमपिता परमेश्वर की कृपा प्राप्ति, ज्ञान का उदय और ब्रह्मांडीय शक्तियों द्वारा पूर्ण रक्षण 37।
धां
अपार धन, पैतृक संपत्ति, विलासिता के साधन, व्यापारिक मुनाफा और सभी प्रकार की भौतिक सफलताओं की अत्यंत तीव्र प्राप्ति 19।
क्लीं
अपार प्रेम की प्राप्ति, सभी सांसारिक एवं यौन इच्छाओं की स्वस्थ पूर्ति, चुंबकीय आकर्षण शक्ति, और जीवन में असीम संतुष्टि का अनुभव 3।
हं
आकाश (ईथर) तत्व की जागृति, सार्वभौमिक चेतना (Universal Consciousness) से सीधा जुड़ाव, और वाणी व संचार (Communication) में परम स्पष्टता 52। अन्य प्रमुख देवता एवं…
यं
वायु तत्व का पूर्ण संतुलन, हृदय चक्र का जागरण, शारीरिक अवयवों की स्थिरता, और कानूनी विवादों (Court Cases) में शत-प्रतिशत न्यायपूर्ण फैसला 52।
रं
शरीर के अग्नि तत्व की प्रचंड वृद्धि, कमजोर पाचन शक्ति में तत्काल सुधार, माइग्रेन व सिरदर्द से परम राहत, और जीवन में परिवर्तनकारी ऊर्जा (Transformative energy) क…
वं
जल तत्व का पूर्ण संतुलन, दबी हुई नकारात्मक भावनाओं का शुद्धिकरण, यौन ऊर्जा का रूपांतरण और शरीर में ऊर्जा का निर्बाध प्रवाह 52।
दं
इस बीज मंत्र का उद्देश्य साधक को अपार धन, उत्कृष्ट स्वास्थ्य, ईश्वरीय सुरक्षा, सुखी वैवाहिक जीवन और सभी सांसारिक एवं आध्यात्मिक दिशाओं में विजय प्रदान करना है 3…
ल्क्ष्मीं
भौतिक प्रचुरता, ऐश्वर्य, भौतिक सुख और विलासिता (Luxury) की अत्यंत तीव्र प्राप्ति 16।
गं
इस बीज में 'ग' गणपति का और बिंदु दुखों के उन्मूलन का प्रतीक है। यह सभी प्रकार के विघ्नों और बाधाओं का विनाश करता है, नई शुरुआत सुनिश्चित करता है, और असीम सफलता…
धूं
घोर दरिद्रता, दुर्भाग्य और अभाव का शमन, तथा सांसारिक भ्रम और भौतिक कठिनाइयों से स्थायी वैराग्य (Detachment) और मुक्ति 36। भगवान गणेश, भगवान हनुमान और भगवान कार्…
ह्लीं
भयंकर शत्रुओं को स्तम्भित करना (Paralyze enemies), कानूनी और अदालती विवादों (Court Cases) में सुनिश्चित व अभूतपूर्व विजय, और बुरी ताकतों व प्रतिस्पर्धियों का सर…
स्त्रीं
साधक के भीतर करुणा की जागृति, कठिन समय में सटीक मार्गदर्शन, भय व अज्ञानता से मुक्ति और जीवन की उथल-पुथल से रक्षा 5।
त्रीं
असीम वित्तीय लाभ, असीमित धन, अगाध भाग्य, अपार प्रसिद्धि, घोर शत्रुओं पर त्वरित विजय और जीवन के हर क्षेत्र में सर्वांगीण सफलता 3।
ह्रीं
यह 'माया बीज' या 'शक्ति बीज' है जो सौर ऊर्जा (Solar energy) का संचार करता है। इसका उपयोग असीमित सुंदरता, परम आकर्षण, तीन लोकों की संपदा, किसी भी क्षेत्र में अग्…
त्व्म्श्रीः
सर्वोच्च बौद्धिक और रचनात्मक संकायों (Creative Faculties) की असाधारण वृद्धि और ज्ञान के परम स्तर की प्राप्ति 16।
ऐं
यह 'वाग्भव बीज' (Vagbhava Bija) है। यह उच्च शिक्षा, असीमित ज्ञान, कला और संगीत में निपुणता, बौद्धिक कार्यों और परीक्षाओं में शत-प्रतिशत सफलता, तथा वाणी (Speech)…
ल्क्ष्मीः
माता महालक्ष्मी की पूर्ण कृपा, परम संतुष्टि और दरिद्रता का समूल नाश 16।
हौं
भगवान शिव की ऊर्जा का सीधा आह्वान, मानसिक शांति की स्थापना और जीवन से सभी प्रकार की बाधाओं व नकारात्मकताओं का समूल नाश 16।
ग्लौं
इसमें 'ग' गणेश, 'ल' व्यापकता, और 'औ' तेज का प्रतीक है। यह भगवान गणेश को अत्यंत प्रसन्न करता है, व्यापक रूप से दुखों का नाश करता है और साधक को अद्वितीय तेज व प्र…
श्रीं
इस बीज में 'श' महालक्ष्मी, 'र' धन और 'ई' संतुष्टि का प्रतीक है। यह चंद्र ऊर्जा (Lunar energy) का वाहक है, जो अपार धन-संपदा, व्यापार में भारी सफलता, ऋण मुक्ति, ब…
क्म्लीः
महाकाली की संहारक और रक्षात्मक ऊर्जा का सीधा आह्वान, तथा नकारात्मक वृत्तियों का जड़ से उन्मूलन 16।
क्लीं
असीमित आकर्षण शक्ति, आध्यात्मिक चुंबकत्व की प्राप्ति, अज्ञानता रूपी अंधकार का नाश और देवी के प्रति प्रगाढ़ भक्ति 16।
क्रीं
इस बीज में 'क' काली, 'र' ब्रह्म और 'ई' महामाया का स्वरूप है। यह उत्तम स्वास्थ्य, असीम बल, बुरी शक्तियों से परम रक्षा, अज्ञानता का संहार और तंत्र की आठ अलौकिक सि…
दं
दिव्य माता की सुरक्षात्मक शक्ति (Protective Power) की त्वरित जागृति, सभी प्रकार के लौकिक भय का नाश और आंतरिक साहस में अपार वृद्धि 17।
दुं
इस बीज में 'द' दुर्गा का और 'उ' रक्षा का प्रतीक है। यह ईश्वरीय सुरक्षा, असीम शारीरिक और मानसिक शक्ति, अदम्य साहस, गंभीर समस्याओं व रोगों का शमन और भयंकर शत्रुओं…
रां
नकारात्मक शक्तियों और शत्रुओं का सर्वनाश, ब्रह्मांडीय सुरक्षा प्राप्त करना, सर्वोत्तम ज्ञान की प्राप्ति, और करियर तथा जीवन में उच्चतम स्तर की सफलता (High levels…
रां
यह अग्नि तत्व का बीज है। इसका प्रयोजन शरीर में अग्नि तत्व की जागृति, आंतरिक ऊर्जा का विकास, पापों का शुद्धिकरण (Purification), पाचन अग्नि को प्रज्वलित करना और ज…
क्लीं
यह 'काम बीज' है। इसमें 'क' कामदेव/कृष्ण, 'ल' इंद्र देव और 'ई' परमसंतुष्टि का प्रतीक है। इसका उपयोग ईश्वरीय प्रेम (कृष्ण-प्रेम) का विकास, लौकिक व अलौकिक आकर्षण (…
हुं
इसे कूचर् बीज (Kurcha Bija) भी कहा जाता है, जो वीरों द्वारा पूजित है। यह नकारात्मकता का तत्काल विनाश करता है, अज्ञानता रूपी अंधकार को हटाता है और साधक के भीतर स…
ह्रौं
सूर्य के हानिकारक प्रभावों को जड़ से मिटाना, इच्छाशक्ति का सुदृढ़ीकरण और आत्मा का पूर्ण संतुलन 61।
ब्रौं
बुध ग्रह के दोषों की पूर्ण शांति और गले के चक्र (Vishuddha Chakra) का संतुलन 62।
ब्रीं
व्यापारिक समस्याओं का तत्काल समाधान और पेशेवर जीवन (Professional life) में उच्च सफलता 68।
ब्रां
संचार कौशल (Communication Skills), तीव्र बुद्धि और विश्लेषणात्मक क्षमता (Analytical skills) में प्रचंड वृद्धि 65।
क्रौं
मंगल ग्रह के मारक दोषों का निवारण और जीवन के हर प्रयास व कार्य में सफलता 62।
क्रीं
आंतरिक ऊर्जा की अभूतपूर्व प्राप्ति और बाहरी खतरों से परम सुरक्षा 67।
क्रां
असीम शारीरिक शक्ति, अत्यधिक साहस, मांगलिक दोष की शांति और दृढ़ संकल्प में वृद्धि 64।
श्रौं
जन्म कुंडली में चंद्रमा के सकारात्मक प्रभावों को मजबूत करना और जीवन से सभी प्रकार के भावनात्मक दुखों का शमन 65।
श्रीं
अचानक होने वाली घबराहट, चिंता और दीर्घकालिक मानसिक तनाव (Depression) को समूल दूर करना 65।
श्रां
मानसिक भ्रांतियों का नाश, असीम मानसिक शांति, और धारणा व बौद्धिक क्षमता में सुधार 65।
हूँ
इस बीज में 'ह' शिव का और 'ऊ' भैरव का प्रतीक है। इसका प्रयोजन अज्ञान व माया के आवरण का निवारण, सांसारिक दुखों व कष्टों का तत्काल नाश और शत्रुओं पर अजेय विजय प्रा…
ह्रौं
इस बीज मंत्र में 'ह्र' शिव का और 'औं' सदाशिव का प्रतिनिधित्व करता है। इसका मुख्य प्रयोजन अकाल मृत्यु से रक्षा, घातक बीमारियों से मुक्ति, मोक्ष की प्राप्ति और भग…
ह्रीं
जीवन से हर प्रकार की नकारात्मकता और आलस्य का नाश, तथा आत्मविश्वास में प्रचंड वृद्धि 61।
ह्रां
असीम साहस में वृद्धि, जीवन शक्ति (Vitality), सत्ता और अधिकार की प्राप्ति, तथा नेत्र ज्योति (Eyesight) में अभूतपूर्व सुधार 61।
क्लीं
यह 'राधा-कृष्ण प्रेम' का बीज है, जो सीधे गोलोक वृंदावन की दिव्य ऊर्जा से जोड़ता है और असीम आनंद की अनुभूति कराता है 59। नवग्रह (सौरमंडल के नियंत्रक देव) वैदिक ज…
ह्लीं
यह राधा का 'सर्व कार्य सिद्धि' बीज है। यह सभी सांसारिक और आध्यात्मिक कार्यों में शत-प्रतिशत सफलता दिलाता है, भारी बाधाओं का निवारण करता है और चेतना की पूर्ण शुद…
श्रीं
ईश्वरीय प्रेम (कृष्ण-प्रेम) की जागृति, सर्वोच्च आध्यात्मिक शक्ति, अपार भौतिक समृद्धि और मोक्ष की एक साथ प्राप्ति 53।
ह्रीं
धन, लक्ष्मी और वैभव की निरंतर प्राप्ति, सुखी पारिवारिक और वैवाहिक जीवन, शुद्ध भक्ति (Prema Bhakti) का तीव्र विकास तथा सांसारिक माया और बंधनों से परम मोक्ष 40।
ह्रीं हुं
असीम एकाग्रता का विकास, दृढ़ इच्छाशक्ति, साहस में अपार वृद्धि, आलस्य, भय और क्रोध पर पूर्ण विजय, तथा छात्रों और पेशेवरों के लिए जीवन के लक्ष्यों में शत-प्रतिशत…
हं
ईश्वरीय साहस, दृढ़ शक्ति, अटूट आत्मविश्वास का विकास, और आसुरी शक्तियों से अचूक सुरक्षा 16।
फ्रौं
असीमित शारीरिक और मानसिक शक्ति की प्राप्ति, अजेय ऊर्जा, पूर्ण सुरक्षा, बुरी आत्माओं और भूतों से मुक्ति, तथा सभी शत्रुओं पर परम व अजेय विजय 23।
क्रीं
यह काल भैरव का परम शक्तिशाली तांत्रिक बीज है। यह मृत्यु और समय के भय से मुक्ति, बुरी नजर व प्रेत बाधाओं से परम रक्षा, विरोधियों का शमन और तांत्रिक ऊर्जाओं (Blac…