एकाक्षरी शक्तिशाली मंत्र
88 मंत्रश्रौं
जन्म कुंडली में चंद्रमा के सकारात्मक प्रभावों को मजबूत करना और जीवन से सभी प्रकार के भावनात्मक दुखों का शमन 65।
ग्रीं
उच्च आध्यात्मिक स्रोतों से गुह्य ज्ञान और अलौकिक बुद्धि की प्राप्ति 68।
ग्लौं
इसमें 'ग' गणेश, 'ल' व्यापकता, और 'औ' तेज का प्रतीक है। यह भगवान गणेश को अत्यंत प्रसन्न करता है, व्यापक रूप से दुखों का नाश करता है और साधक को अद्वितीय तेज व प्र…
ह्रौं
सूर्य के हानिकारक प्रभावों को जड़ से मिटाना, इच्छाशक्ति का सुदृढ़ीकरण और आत्मा का पूर्ण संतुलन 61।
प्रीं
शनि देव के मारक और क्रूर प्रभावों को शांत करना 70।
स्त्रीं
साधक के भीतर करुणा की जागृति, कठिन समय में सटीक मार्गदर्शन, भय व अज्ञानता से मुक्ति और जीवन की उथल-पुथल से रक्षा 5।
ब्रीं
व्यापारिक समस्याओं का तत्काल समाधान और पेशेवर जीवन (Professional life) में उच्च सफलता 68।
क्म्लीः
महाकाली की संहारक और रक्षात्मक ऊर्जा का सीधा आह्वान, तथा नकारात्मक वृत्तियों का जड़ से उन्मूलन 16।
द्रां
प्रेम, विवाह, आकर्षण और सौंदर्य संबंधी सभी जटिल समस्याओं का अचूक समाधान 66।
ह्रीं हुं
असीम एकाग्रता का विकास, दृढ़ इच्छाशक्ति, साहस में अपार वृद्धि, आलस्य, भय और क्रोध पर पूर्ण विजय, तथा छात्रों और पेशेवरों के लिए जीवन के लक्ष्यों में शत-प्रतिशत…
ह्रां
असीम साहस में वृद्धि, जीवन शक्ति (Vitality), सत्ता और अधिकार की प्राप्ति, तथा नेत्र ज्योति (Eyesight) में अभूतपूर्व सुधार 61।
भ्रां
अत्यधिक मानसिक तनाव, भ्रम (Illusions) और गृह क्लेश से स्थायी मुक्ति 71।
ह्रीं
यह 'माया बीज' या 'शक्ति बीज' है जो सौर ऊर्जा (Solar energy) का संचार करता है। इसका उपयोग असीमित सुंदरता, परम आकर्षण, तीन लोकों की संपदा, किसी भी क्षेत्र में अग्…
श्रीं
अचानक होने वाली घबराहट, चिंता और दीर्घकालिक मानसिक तनाव (Depression) को समूल दूर करना 65।
क्लीं
असीमित आकर्षण शक्ति, आध्यात्मिक चुंबकत्व की प्राप्ति, अज्ञानता रूपी अंधकार का नाश और देवी के प्रति प्रगाढ़ भक्ति 16।
क्रौं
मंगल ग्रह के मारक दोषों का निवारण और जीवन के हर प्रयास व कार्य में सफलता 62।
धूं
घोर दरिद्रता, दुर्भाग्य और अभाव का शमन, तथा सांसारिक भ्रम और भौतिक कठिनाइयों से स्थायी वैराग्य (Detachment) और मुक्ति 36। भगवान गणेश, भगवान हनुमान और भगवान कार्…
ग्रां
असीम आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति और विवाह संबंधी बाधाओं व समस्याओं का शत-प्रतिशत निवारण 62।
रां
नकारात्मक शक्तियों और शत्रुओं का सर्वनाश, ब्रह्मांडीय सुरक्षा प्राप्त करना, सर्वोत्तम ज्ञान की प्राप्ति, और करियर तथा जीवन में उच्चतम स्तर की सफलता (High levels…
ब्रं
सांसारिक ज्ञान, बुद्धिमत्ता और सौभाग्य का तीव्र एवं स्थिर विकास 65।
फ्रौं
असीमित शारीरिक और मानसिक शक्ति की प्राप्ति, अजेय ऊर्जा, पूर्ण सुरक्षा, बुरी आत्माओं और भूतों से मुक्ति, तथा सभी शत्रुओं पर परम व अजेय विजय 23।
प्रां
शनि की साढ़े साती और ढैय्या के असहनीय कष्टों से तत्काल मुक्ति 60।
हौं
भगवान शिव की ऊर्जा का सीधा आह्वान, मानसिक शांति की स्थापना और जीवन से सभी प्रकार की बाधाओं व नकारात्मकताओं का समूल नाश 16।
प्रौं
पिछले जन्मों के संचित बुरे कर्मों के फलों से रक्षा, जीवन में अत्यधिक स्थिरता और न्याय की प्राप्ति 60।
श्रीं
ईश्वरीय प्रेम (कृष्ण-प्रेम) की जागृति, सर्वोच्च आध्यात्मिक शक्ति, अपार भौतिक समृद्धि और मोक्ष की एक साथ प्राप्ति 53।
ह्रीं
जीवन से हर प्रकार की नकारात्मकता और आलस्य का नाश, तथा आत्मविश्वास में प्रचंड वृद्धि 61।
भ्रीं
अचानक होने वाले भारी आर्थिक नुकसान, धोखे और षड्यंत्रों से बचाव 71।
त्व्म्श्रीः
सर्वोच्च बौद्धिक और रचनात्मक संकायों (Creative Faculties) की असाधारण वृद्धि और ज्ञान के परम स्तर की प्राप्ति 16।
हूँ
इस बीज में 'ह' शिव का और 'ऊ' भैरव का प्रतीक है। इसका प्रयोजन अज्ञान व माया के आवरण का निवारण, सांसारिक दुखों व कष्टों का तत्काल नाश और शत्रुओं पर अजेय विजय प्रा…
क्रीं
इस बीज में 'क' काली, 'र' ब्रह्म और 'ई' महामाया का स्वरूप है। यह उत्तम स्वास्थ्य, असीम बल, बुरी शक्तियों से परम रक्षा, अज्ञानता का संहार और तंत्र की आठ अलौकिक सि…
श्रां
मानसिक भ्रांतियों का नाश, असीम मानसिक शांति, और धारणा व बौद्धिक क्षमता में सुधार 65।
त्रीं
असीम वित्तीय लाभ, असीमित धन, अगाध भाग्य, अपार प्रसिद्धि, घोर शत्रुओं पर त्वरित विजय और जीवन के हर क्षेत्र में सर्वांगीण सफलता 3।
क्रां
असीम शारीरिक शक्ति, अत्यधिक साहस, मांगलिक दोष की शांति और दृढ़ संकल्प में वृद्धि 64।
रां
यह अग्नि तत्व का बीज है। इसका प्रयोजन शरीर में अग्नि तत्व की जागृति, आंतरिक ऊर्जा का विकास, पापों का शुद्धिकरण (Purification), पाचन अग्नि को प्रज्वलित करना और ज…
क्रीं
आंतरिक ऊर्जा की अभूतपूर्व प्राप्ति और बाहरी खतरों से परम सुरक्षा 67।
ह्लीं
भयंकर शत्रुओं को स्तम्भित करना (Paralyze enemies), कानूनी और अदालती विवादों (Court Cases) में सुनिश्चित व अभूतपूर्व विजय, और बुरी ताकतों व प्रतिस्पर्धियों का सर…
ब्रां
संचार कौशल (Communication Skills), तीव्र बुद्धि और विश्लेषणात्मक क्षमता (Analytical skills) में प्रचंड वृद्धि 65।
श्रीं
इस बीज में 'श' महालक्ष्मी, 'र' धन और 'ई' संतुष्टि का प्रतीक है। यह चंद्र ऊर्जा (Lunar energy) का वाहक है, जो अपार धन-संपदा, व्यापार में भारी सफलता, ऋण मुक्ति, ब…
ब्रौं
बुध ग्रह के दोषों की पूर्ण शांति और गले के चक्र (Vishuddha Chakra) का संतुलन 62।
गं
इस बीज में 'ग' गणपति का और बिंदु दुखों के उन्मूलन का प्रतीक है। यह सभी प्रकार के विघ्नों और बाधाओं का विनाश करता है, नई शुरुआत सुनिश्चित करता है, और असीम सफलता…
भ्रं
यह भ्रम बीज है, जिसका उपयोग जीवन में सकारात्मक और तीव्र बदलाव लाने, अवांछित शक्तियों से रक्षा करने, आकर्षण का केंद्र बनने और परम सुरक्षा कवच निर्मित करने के लिए…
हुं
इसे कूचर् बीज (Kurcha Bija) भी कहा जाता है, जो वीरों द्वारा पूजित है। यह नकारात्मकता का तत्काल विनाश करता है, अज्ञानता रूपी अंधकार को हटाता है और साधक के भीतर स…
ग्रौं
गुरु ग्रह के हानिकारक प्रभावों से बचाव, लीवर संबंधी रोगों से रक्षा और क्राउन चक्र (Sahasrara) का जागृतिकरण 66।
क्रीं
यह काल भैरव का परम शक्तिशाली तांत्रिक बीज है। यह मृत्यु और समय के भय से मुक्ति, बुरी नजर व प्रेत बाधाओं से परम रक्षा, विरोधियों का शमन और तांत्रिक ऊर्जाओं (Blac…
ब्रिं
गुरु दोष की सामान्य शांति 65।
ल्क्ष्मीं
भौतिक प्रचुरता, ऐश्वर्य, भौतिक सुख और विलासिता (Luxury) की अत्यंत तीव्र प्राप्ति 16।
द्रौं
शुक्र दोष का निवारण, वैवाहिक जीवन में प्रगाढ़ प्रेम और हृदय चक्र (Heart Chakra) का संतुलन 66।
हं
ईश्वरीय साहस, दृढ़ शक्ति, अटूट आत्मविश्वास का विकास, और आसुरी शक्तियों से अचूक सुरक्षा 16।
स्फेम्
भैरव तत्व की जागृति, शिव की परम सुरक्षा ऊर्जा का आह्वान और उच्च स्तरीय तांत्रिक सिद्धियों (Tantric Powers) की प्राप्ति 3। भगवान विष्णु एवं उनके अवतार (नरसिंह, क…
दुं
इस बीज में 'द' दुर्गा का और 'उ' रक्षा का प्रतीक है। यह ईश्वरीय सुरक्षा, असीम शारीरिक और मानसिक शक्ति, अदम्य साहस, गंभीर समस्याओं व रोगों का शमन और भयंकर शत्रुओं…
द्रीं
प्रचुर भौतिक सुख, असीम विलासिता (Luxury) और समृद्धि की तीव्र प्राप्ति 68।
ह्रीं
धन, लक्ष्मी और वैभव की निरंतर प्राप्ति, सुखी पारिवारिक और वैवाहिक जीवन, शुद्ध भक्ति (Prema Bhakti) का तीव्र विकास तथा सांसारिक माया और बंधनों से परम मोक्ष 40।
शं
शनि दोष की सामान्य शांति, दुर्भाग्य से बचाव और आध्यात्मिक अनुशासन का विकास 70।
ल्क्ष्मीः
माता महालक्ष्मी की पूर्ण कृपा, परम संतुष्टि और दरिद्रता का समूल नाश 16।
ह्लीं
यह राधा का 'सर्व कार्य सिद्धि' बीज है। यह सभी सांसारिक और आध्यात्मिक कार्यों में शत-प्रतिशत सफलता दिलाता है, भारी बाधाओं का निवारण करता है और चेतना की पूर्ण शुद…
ह्रौं
इस बीज मंत्र में 'ह्र' शिव का और 'औं' सदाशिव का प्रतिनिधित्व करता है। इसका मुख्य प्रयोजन अकाल मृत्यु से रक्षा, घातक बीमारियों से मुक्ति, मोक्ष की प्राप्ति और भग…
क्लीं
यह 'काम बीज' है। इसमें 'क' कामदेव/कृष्ण, 'ल' इंद्र देव और 'ई' परमसंतुष्टि का प्रतीक है। इसका उपयोग ईश्वरीय प्रेम (कृष्ण-प्रेम) का विकास, लौकिक व अलौकिक आकर्षण (…
दं
दिव्य माता की सुरक्षात्मक शक्ति (Protective Power) की त्वरित जागृति, सभी प्रकार के लौकिक भय का नाश और आंतरिक साहस में अपार वृद्धि 17।
ऐं
यह 'वाग्भव बीज' (Vagbhava Bija) है। यह उच्च शिक्षा, असीमित ज्ञान, कला और संगीत में निपुणता, बौद्धिक कार्यों और परीक्षाओं में शत-प्रतिशत सफलता, तथा वाणी (Speech)…
क्लीं
यह 'राधा-कृष्ण प्रेम' का बीज है, जो सीधे गोलोक वृंदावन की दिव्य ऊर्जा से जोड़ता है और असीम आनंद की अनुभूति कराता है 59। नवग्रह (सौरमंडल के नियंत्रक देव) वैदिक ज…