श्री राधा बीज बीज मंत्र
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यह राधा का 'सर्व कार्य सिद्धि' बीज है। यह सभी सांसारिक और आध्यात्मिक कार्यों में शत-प्रतिशत सफलता दिलाता है, भारी बाधाओं का निवारण करता है और चेतना की पूर्ण शुद्धि करता है 53।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
यह राधा का 'सर्व कार्य सिद्धि' बीज है। यह सभी सांसारिक और आध्यात्मिक कार्यों में शत-प्रतिशत सफलता दिलाता है, भारी बाधाओं का निवारण करता है और चेतना की पूर्ण शुद्धि करता है 53।
इस मंत्र से क्या होगा?
यह राधा का 'सर्व कार्य सिद्धि' बीज है
यह सभी सांसारिक और आध्यात्मिक कार्यों में शत-प्रतिशत सफलता दिलाता है, भारी बाधाओं का निवारण करता है और चेतना की पूर्ण शुद्धि करता है
जाप विधि
प्रतिदिन 108 बार पूर्ण श्रद्धा के साथ मानसिक या वाचिक जप 53।
विशेष टिप्पणियाँ
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ॐ ह्रीं क्रूं क्रूररूपिणे केतवे ऐं सौः स्वाहा॥
jap mantraॐ ऐं ह्रीं श्रीं वाग्वादिनी सरस्वती देवी मम जिव्हायां सर्वविद्यां देहि दापय स्वाहा
dhyan mantraॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
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vaidik mantraॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ॥
kavach mantraऊरू रघूत्तमः पातु रक्षःकुलविनाशकृत्। जानुनी सेतुकृत् पातु जङ्घे दशमुखान्तकः। पादौ विभीषणश्रीदः पातु रामोऽखिलं वपुः। एतां रामबलोपेतां रक्षां यः सुकृती पठेत्। स चिरायुः सुखी पुत्री विजयी विनयी भवेत्। पातालभूतलव्योम- चारिणश्छद्मचारिणः। न द्रष्टुमपि शक्तास्ते रक्षितं रामनामभिः। रामेति रामभद्रेति रामचन्द्रेति वा स्मरन्। नरो न लिप्यते पापैर्भुक्तिं मुक्तिं च विन्दति। जगज्जैत्रैकमन्त्रेण रामनाम्नाभिरक्षितम्। यः कण्ठे धारयेत्तस्य करस्थाः सर्वसिद्धयः। वज्रपञ्जरनामेदं यो रामकवचं स्मरेत्। अव्याहताज्ञः सर्वत्र लभते जयमङ्गलम्। 34