शनि देव बीज बीज मंत्र
प्रौं
पिछले जन्मों के संचित बुरे कर्मों के फलों से रक्षा, जीवन में अत्यधिक स्थिरता और न्याय की प्राप्ति 60।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
पिछले जन्मों के संचित बुरे कर्मों के फलों से रक्षा, जीवन में अत्यधिक स्थिरता और न्याय की प्राप्ति 60।
इस मंत्र से क्या होगा?
पिछले जन्मों के संचित बुरे कर्मों के फलों से रक्षा, जीवन में अत्यधिक स्थिरता और न्याय की प्राप्ति
जाप विधि
रात्रिकाल में रुद्राक्ष माला से जप 60।
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शम्भुर्मे मस्तकं पातु मुखं पातु महेश्वरः। दन्तपङ्क्तिं च नीलकण्ठोऽप्यधरोष्ठं हरः स्वयम्। कण्ठं पातु चन्द्रचूडः स्कन्धौ वृषवाहनः। वक्षःस्थलं नीलकण्ठः पातु पृष्ठं दिगम्बरः। स्वप्ने जागरणे चैव स्थाणुर्मे पातु सन्ततम्। 8
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