परमपिता ब्रह्मा (सृष्टिकर्ता) बीज बीज मंत्र
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समस्त ब्रह्मांड के रचनाकार और पालनकर्ता का विशेष आशीर्वाद व रचनात्मक ऊर्जा (Creative energy) प्राप्त करना 37।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
समस्त ब्रह्मांड के रचनाकार और पालनकर्ता का विशेष आशीर्वाद व रचनात्मक ऊर्जा (Creative energy) प्राप्त करना 37।
इस मंत्र से क्या होगा?
समस्त ब्रह्मांड के रचनाकार और पालनकर्ता का विशेष आशीर्वाद व रचनात्मक ऊर्जा (Creative energy) प्राप्त करना
जाप विधि
नित्य 108 बार जप करें 37।
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ॐ समानी व आकूतिः समाना हृदयानि वः । समानमस्तु वो मनो यथा वः सुसहासति ॥
dhyan mantraया कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। या ब्रह्माच्युतशङ्करप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
sabar mantraॐ नमो काली कंकाली पीती भर भर रक्त प्याली चाम की गठड़ी हाड़ की माला भजो आनंद सुंदरी बाला भरपूर वसन कर ले उठाई काम क्रोध कलिका माई लेके अपनी भेंट कड़ाई अमुक की छाती घात चलाई घाट में मरघट कालिका आई कालिका ने अमुक की कच्ची कलेजी खाई न खाई तो कीनाराम औघड़ की दुहाई 12
kavach mantraॐ भूर्भुव: स्व: प्रांचामा पातु भूतेशः अग्ने पातु शंकर दक्षिणे पातुमा रुद्रो नैऋत्य स्थानु रेवच पश्चिमे खंड परशु वायव्या चंद्रशेखर उत्तरे गिरीशः पातु चैशान्य ईश्वर स्वयं उर्ध्वे मुंड सदा पातु चाध्य मृत्युंजय स्वयं जले स्थले चांदरीक्षे स्वप्ने जागरने सदा पिना कितुमा प्रीत्या भक्तम वैभक्त वत्सल य: सदा धारयेन्मर्त्य: शैवं कवचमुत्तमम् । न तस्य जायते क्वापि भयं शंभोरनुग्रहात् ॥ 30॥ इति अमोघ शिव कवच सम्पूर्ण ॥ 4
kaamya mantraनतेभ्यः सर्वदा भक्त्या चण्डिके दुरितापहे। रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥
mool mantraॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्राय नमः