शुक्र देव बीज बीज मंत्र
द्रां
प्रेम, विवाह, आकर्षण और सौंदर्य संबंधी सभी जटिल समस्याओं का अचूक समाधान 66।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
प्रेम, विवाह, आकर्षण और सौंदर्य संबंधी सभी जटिल समस्याओं का अचूक समाधान 66।
इस मंत्र से क्या होगा?
प्रेम, विवाह, आकर्षण और सौंदर्य संबंधी सभी जटिल समस्याओं का अचूक समाधान
जाप विधि
प्रातः काल 40 दिनों के भीतर 16000 बार जप (शुक्रवार के दिन) 60।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
मधुसूदन
kavach mantraॐ भूर्भुव: स्व: प्रांचामा पातु भूतेशः अग्ने पातु शंकर दक्षिणे पातुमा रुद्रो नैऋत्य स्थानु रेवच पश्चिमे खंड परशु वायव्या चंद्रशेखर उत्तरे गिरीशः पातु चैशान्य ईश्वर स्वयं उर्ध्वे मुंड सदा पातु चाध्य मृत्युंजय स्वयं जले स्थले चांदरीक्षे स्वप्ने जागरने सदा पिना कितुमा प्रीत्या भक्तम वैभक्त वत्सल य: सदा धारयेन्मर्त्य: शैवं कवचमुत्तमम् । न तस्य जायते क्वापि भयं शंभोरनुग्रहात् ॥ 30॥ इति अमोघ शिव कवच सम्पूर्ण ॥ 4
jap mantraॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
shanti mantraॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पुर्णमुदच्यते । पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
stotra mantraजिजीविषे नाहमिहामुया कि- मन्तर्बहिश्चावृतयेभयोन्या । इच्छामि कालेन न यस्य विप्लव- स्तस्यात्मलोकावरणस्य मोक्षम ॥ 4
dhyan mantraया कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। या ब्रह्माच्युतशङ्करप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥