ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
सरस्वती गायत्री (वाग्देवी)

सरस्वती गायत्री (वाग्देवी) सिद्ध मंत्र

ॐ वाग्देव्यैच विद्महे ब्रह्म-पत्न्यैच धीमहि। तन्नो वाणी प्रचोदयात्॥

अंतर्ज्ञान (Intuition) का जागरण 74। मन के गहरे अंधकार का नाश कर वाणी को पवित्र और उन्नत करना 74।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारसिद्ध मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

अंतर्ज्ञान (Intuition) का जागरण 74। मन के गहरे अंधकार का नाश कर वाणी को पवित्र और उन्नत करना 74।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

अंतर्ज्ञान (Intuition) का जागरण 74

02

मन के गहरे अंधकार का नाश कर वाणी को पवित्र और उन्नत करना

जाप विधि

देवी सरस्वती के वाग्देवी रूप (वाक् की देवी) का ध्यान कर नित्य जप 74।

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