उग्र नृसिंह गायत्री सिद्ध मंत्र
ॐ उग्र नरसिंहाय विद्महे वज्रनखाय धीमहि तन्नो नृसिंहः प्रचोदयात् ॥
असीम शौर्य, साहस और निर्भयता की प्राप्ति 66। यह मारक ग्रह दशाओं (Planetary afflictions) को शांत करता है और भयंकर तंत्र प्रयोगों से साधक की रक्षा करता है 66।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
असीम शौर्य, साहस और निर्भयता की प्राप्ति 66। यह मारक ग्रह दशाओं (Planetary afflictions) को शांत करता है और भयंकर तंत्र प्रयोगों से साधक की रक्षा करता है 66।
इस मंत्र से क्या होगा?
असीम शौर्य, साहस और निर्भयता की प्राप्ति 66
यह मारक ग्रह दशाओं (Planetary afflictions) को शांत करता है और भयंकर तंत्र प्रयोगों से साधक की रक्षा करता है
जाप विधि
भगवान नृसिंह के उग्र (Fierce) रूप का पूर्ण एकाग्रता से ध्यान कर जप किया जाता है 66।
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