राज मातंगी उग्र मंत्र
ॐ ह्रीं ऐं भगवती मतंगेश्वरी श्रीं स्वाहा:
राजसी शक्ति की प्राप्ति, उच्च वशीकरण तथा विशेष तांत्रिक सिद्धियों का एकत्रीकरण 5।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
राजसी शक्ति की प्राप्ति, उच्च वशीकरण तथा विशेष तांत्रिक सिद्धियों का एकत्रीकरण 5।
इस मंत्र से क्या होगा?
राजसी शक्ति की प्राप्ति, उच्च वशीकरण तथा विशेष तांत्रिक सिद्धियों का एकत्रीकरण
जाप विधि
हृदयंगम मातंगी साधना के अंतर्गत गुरु मार्गदर्शन में विशेष तांत्रिक काल में जप किया जाता है 5।
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mool mantraॐ निर्ऋतये नमः