भगवती नारायणी काम्य मंत्र
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
सर्व कार्य सिद्धि, लौकिक कामनाओं की पूर्ति और सब प्रकार के कल्याण की प्राप्ति 28।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सर्व कार्य सिद्धि, लौकिक कामनाओं की पूर्ति और सब प्रकार के कल्याण की प्राप्ति 28।
इस मंत्र से क्या होगा?
सर्व कार्य सिद्धि, लौकिक कामनाओं की पूर्ति और सब प्रकार के कल्याण की प्राप्ति
जाप विधि
सम्पुट पाठ के रूप में अथवा नित्य १०८ बार रुद्राक्ष माला से देवी का ध्यान करते हुए जप 28।
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इदं मे ब्रह्म च क्षत्रं चोभे श्रियमश्नुताम् । मयि देवा दधतु श्रियमुत्तमां तस्यै ते स्वाहा ॥
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dhyan mantraसोऽहम्
beej mantraगं