भगवान राम नाम मंत्र
रघुपति
जीव के अहंकार का नाश, ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण भाव का विकास एवं ईश्वर-प्राप्ति।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
जीव के अहंकार का नाश, ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण भाव का विकास एवं ईश्वर-प्राप्ति।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीव के अहंकार का नाश, ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण भाव का विकास एवं ईश्वर-प्राप्ति
जाप विधि
चलते-फिरते या दिनचर्या के सामान्य कार्य करते समय मानसिक रूप से स्मरण।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वितः। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥
mool mantraॐ श्री रामाय नमः
ugra mantraॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं भद्रकाल्यै क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं स्वाहा
sabar mantraऊँ नमो आदेश गुरु गोरखनाथ की। शत्रु सवा लाख, एक मरे तो सब सिधाय 13
dhyan mantraमनोबुद्ध्यहङ्कारचित्तानि नाहं न च श्रोत्रजिह्वे न च घ्राणनेत्रे। न च व्योम भूमिर्न तेजो न वायुश्चिदानन्दरूपः शिवोऽहं शिवोऽहम्॥
tantrik mantraॐ क्रीं क्रीं क्रीं ॐ ह्रीं ह्रीं हूं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं स्वाहा