भगवान श्री विट्ठल (पांडुरंग) भक्ति मंत्र
ॐ जय हरि विट्ठल नमो नमः पंढरीनाथा नमो नमः
मन की असीम शांति, विट्ठल भगवान के प्रति वात्सल्य और प्रेम की गहन अनुभूति, और सांसारिक बंधनों से आध्यात्मिक मुक्ति (मोक्ष) 64।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
मन की असीम शांति, विट्ठल भगवान के प्रति वात्सल्य और प्रेम की गहन अनुभूति, और सांसारिक बंधनों से आध्यात्मिक मुक्ति (मोक्ष) 64।
इस मंत्र से क्या होगा?
मन की असीम शांति, विट्ठल भगवान के प्रति वात्सल्य और प्रेम की गहन अनुभूति, और सांसारिक बंधनों से आध्यात्मिक मुक्ति (मोक्ष)
जाप विधि
इस मंत्र को पूर्ण भक्ति भाव से नेत्र बंद करके भगवान विट्ठल की ईंट पर खड़ी मूर्ति का मानसिक ध्यान करते हुए जपा जाता है 64। इसे समूह में ताल और वाद्य यंत्रों के साथ भी भावपूर्ण रूप से गाया या जपा जा सकता है 64।
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