दत्तात्रेय मूल सिद्ध मंत्र
ॐ द्रां दत्तात्रेयाय नमः
राहु और केतु जैसे क्रूर ग्रहों की नकारात्मक और अस्थिर ऊर्जा का शमन 76। भगवान दत्तात्रेय के माध्यम से ब्रह्मा, विष्णु और महेश (त्रिमूर्ति) की एकीकृत कृपा और आध्यात्मिक चेतना का जागरण 76।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
राहु और केतु जैसे क्रूर ग्रहों की नकारात्मक और अस्थिर ऊर्जा का शमन 76। भगवान दत्तात्रेय के माध्यम से ब्रह्मा, विष्णु और महेश (त्रिमूर्ति) की एकीकृत कृपा और आध्यात्मिक चेतना का जागरण 76।
इस मंत्र से क्या होगा?
राहु और केतु जैसे क्रूर ग्रहों की नकारात्मक और अस्थिर ऊर्जा का शमन 76
भगवान दत्तात्रेय के माध्यम से ब्रह्मा, विष्णु और महेश (त्रिमूर्ति) की एकीकृत कृपा और आध्यात्मिक चेतना का जागरण
जाप विधि
गुरु पूर्णिमा या चंद्र ग्रहण के विशेष मुहूर्त पर १०८ की संख्या में स्फटिक या रुद्राक्ष माला से जप 76। 'द्रां' बीज पर विशेष ध्यान दें 76।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिहृद्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥
mool mantraॐ यमाय नमः
vaidik mantraॐ सूर्याचन्द्रमसौ धाता यथा पूर्वमकल्पयत् । दिवं च पृथिवीं च अन्तरिक्षमथो स्वः ॥
navgrah mantraऐं ह्सौः श्रीं द्रां कं ग्रहाधिपतये भौमाय स्वाहा॥
beej mantraब्रीं
stotra mantraसर्वाबाधाप्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि। एवमेव त्वया कार्यमस्मद्वैरिविनाशनम्॥ 24