उद्देश्य अनुसार मंत्र
भगवती चण्डिका
भगवती चण्डिका काम्य मंत्र
नतेभ्यः सर्वदा भक्त्या चण्डिके दुरितापहे। रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥
समस्त पूर्वकृत पापों का नाश और भगवती की अनन्य भक्ति की प्राप्ति 28।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारकाम्य मंत्र
प्रयोजन
यह मंत्र क्यों?
समस्त पूर्वकृत पापों का नाश और भगवती की अनन्य भक्ति की प्राप्ति 28।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
समस्त पूर्वकृत पापों का नाश और भगवती की अनन्य भक्ति की प्राप्ति
जाप विधि
भक्तिपूर्वक देवी के समक्ष नित्य जप 28।
विशेष टिप्पणियाँ
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