ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
इन्द्र देव (ऋग्वेद)

इन्द्र देव (ऋग्वेद) काम्य मंत्र

इन्द्रं वयं महाधन इन्द्रमर्भे हवामहे। युजं वृत्रेषु वज्रिणम्॥

छोटे-बड़े सभी जीवन-संग्रामों और प्रतियोगिताओं में विजय तथा विपुल महाधन की प्राप्ति 23।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारकाम्य मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

छोटे-बड़े सभी जीवन-संग्रामों और प्रतियोगिताओं में विजय तथा विपुल महाधन की प्राप्ति 23।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

छोटे-बड़े सभी जीवन-संग्रामों और प्रतियोगिताओं में विजय तथा विपुल महाधन की प्राप्ति

जाप विधि

प्रातःकाल यज्ञ/हवन के समय आहुति के साथ अथवा शुद्धतापूर्वक नित्य जप करें 23।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

siddh mantra

ॐ हस्ति पिशाचि लिखे स्वाहा ।

naam mantra

जय माता दी

jap mantra

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे

bhakti mantra

जय भगवान

gyan mantra

सरस्वती महाभागे विद्ये कमललोचने । विश्वरूपे विशालाक्षि विद्यां देहि नमोऽस्तु ते ॥

sabar mantra

भैरव शिव का चेला जहां जहां-जहां जाऊं नगर डगर लगे वहां फिर मेला शिव का धुना गोरख तापे काल कंटक थर थर कांपे मेरी रक्षा करें नवनाथ रामदूत हनुमंत रिद्धि सिद्धि आंगन विराजे माई अन्नपूर्णा सुखवंत शब्द सांचा पिंड काचा चलो मंत्र ईश्वर वाचा ओम गुरु जी गोरख जति मच्छिंद्र का चेला शिव के रूप में दिखे अलबेला कानों कुंडल गले में नादी हाथ त्रिशूल नाथ है आदि अलख पुरुष को करूं आदेश जन्म जन्म के काटो कलेश भगवा वेश हाथ में खप्पर भैरव शिव का चेला जहां जहां जाऊं नगर डगर लगे वहां फिर मेला शिव का धुना गोरख तापे काल कंटक थर थर कांपे मेरी रक्षा करें नवनाथ रामदूत हनुमंत रिद्धि सिद्धि आंगन विराजे माई अन्नपूर्णा सुखवंत शब्द सांचा पिंड कांचा चलो मंत्र ईश्वर वाचा 2