ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
इन्द्र देव (ऋग्वेद)

इन्द्र देव (ऋग्वेद) काम्य मंत्र

इन्द्रं वयं महाधन इन्द्रमर्भे हवामहे। युजं वृत्रेषु वज्रिणम्॥

छोटे-बड़े सभी जीवन-संग्रामों और प्रतियोगिताओं में विजय तथा विपुल महाधन की प्राप्ति 23।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारकाम्य मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

छोटे-बड़े सभी जीवन-संग्रामों और प्रतियोगिताओं में विजय तथा विपुल महाधन की प्राप्ति 23।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

छोटे-बड़े सभी जीवन-संग्रामों और प्रतियोगिताओं में विजय तथा विपुल महाधन की प्राप्ति

जाप विधि

प्रातःकाल यज्ञ/हवन के समय आहुति के साथ अथवा शुद्धतापूर्वक नित्य जप करें 23।

विशेष टिप्पणियाँ

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