भुवनेश्वरी तांत्रिक तांत्रिक मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं भुवनेश्वर्यै नमः
64 योगिनियों की प्रत्यक्ष कृपा प्राप्ति, असीम सामाजिक आकर्षण प्रभाव, ब्रह्मांड के पंचभूत रहस्यों का ज्ञान और पूर्ण निरोगी काया 23।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
64 योगिनियों की प्रत्यक्ष कृपा प्राप्ति, असीम सामाजिक आकर्षण प्रभाव, ब्रह्मांड के पंचभूत रहस्यों का ज्ञान और पूर्ण निरोगी काया 23।
इस मंत्र से क्या होगा?
64 योगिनियों की प्रत्यक्ष कृपा प्राप्ति, असीम सामाजिक आकर्षण प्रभाव, ब्रह्मांड के पंचभूत रहस्यों का ज्ञान और पूर्ण निरोगी काया
जाप विधि
कल्पोक्त विधि से एकांत स्थान पर आसन ग्रहण कर नित्य 108 बार जप अथवा विशेष सिद्धि हेतु कोटि मूल मंत्र का होमात्मक अनुष्ठान करें। यह साधना विशेष रूप से चंद्र या शुक्र की महादशा में की जाती है 22।
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ॐ नमो नारायणाय
kavach mantraपातु श्रवणे वासरेश्वर घ्राणं धर्म पातु पदन वेदवाहन जीवा मानद पातु कंठ में सुरवंदित स्कंद प्रभाकर पातु वक्ष पातु जन प्रिय पातु पाद द्वादशात्मा सर्व सर्वांग सकलेश्वर यक्ष गन्धर्व राक्षसाः ब्रह्मराक्षस वेतालाः क्षमा दूरा देव पलायंते तस्य संकीर्तना अज्ञात कवच दिव्य यो जपे सूर्य मंत्रम् सिद्धि जायते तस्य कल्पकोटि शतैरपि। इति श्री ब्रह्मयामले त्रैलोक्य मंगलम नाम सूर्य कवचम संपूर्णम। 15
beej mantraक्लीं
ugra mantraक्लीं क्लीं हूं
dhyan mantraॐ असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्मा अमृतं गमय। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
stotra mantraसर्वाण्येतानि भगन्नामरूपास्त्रकीर्तनात्। प्रयान्तु संक्षयं सद्यो ये नः श्रेयः प्रतीपकाः।। 7