देवी दुर्गा काम्य मंत्र
सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वितः। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥
जीवन की सभी भौतिक बाधाओं से मुक्ति पाकर अपार धन-धान्य और सुयोग्य संतान की प्राप्ति 28।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
जीवन की सभी भौतिक बाधाओं से मुक्ति पाकर अपार धन-धान्य और सुयोग्य संतान की प्राप्ति 28।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन की सभी भौतिक बाधाओं से मुक्ति पाकर अपार धन-धान्य और सुयोग्य संतान की प्राप्ति
जाप विधि
नवार्ण मंत्र के साथ अथवा सप्तशती के मंत्रों के साथ सम्पुट रूप में नित्य जप करें 28।
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ॐ नमो भगवते उग्र भैरवाय सर्वविघ्ननाशाय ठः ठः स्वाहा
siddh mantraॐ ऐं क्लीं सौः। क ए ल ह ह्रीं। सौः क्लीं ऐं। ॐ ऐं क्लीं सौः। क स क ह ल ह्रीं। सौः क्लीं ऐं। ॐ ऐं क्लीं सौः। स क ल ह्रीं । सौः क्लीं ऐं ॐ॥
stotra mantraदुर्गेष्वटव्याजिमुखादिषु प्रभुः पायान्नृसिंहोऽसुरयुथपारिः। विमुञ्चतो यस्य महाट्टहासं दिशो विनेदुर्न्यपतंश्च गर्भाः।। 7
vaidik mantraॐ सत्यं बृहदृतमुग्रं दीक्षा तपो ब्रह्म यज्ञः पृथिवीं धारयन्ति । सा नो भूतस्य भव्यस्य पत्न्युरुं लोकं पृथिवी नः कृणोतु ॥
naam mantraवाग्देवी
shanti mantraॐ वाङ् मे मनसि प्रतिष्ठिता । मनो मे वाचि प्रतिष्ठितम् । आविरावीर्म एधि । वेदस्य म आणीस्थः । श्रुतं मे मा प्रहासीः । अनेनाधीतेनाहोरात्रान्सन्दधामि । ऋतं वदिष्यामि । सत्यं वदिष्यामि । तन्मामवतु । तद्वक्तारमवतु । अवतु माम् । अवतु वक्तारम् । अवतु वक्तारम् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥