देवी दुर्गा काम्य मंत्र
सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वितः। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥
जीवन की सभी भौतिक बाधाओं से मुक्ति पाकर अपार धन-धान्य और सुयोग्य संतान की प्राप्ति 28।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
जीवन की सभी भौतिक बाधाओं से मुक्ति पाकर अपार धन-धान्य और सुयोग्य संतान की प्राप्ति 28।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन की सभी भौतिक बाधाओं से मुक्ति पाकर अपार धन-धान्य और सुयोग्य संतान की प्राप्ति
जाप विधि
नवार्ण मंत्र के साथ अथवा सप्तशती के मंत्रों के साथ सम्पुट रूप में नित्य जप करें 28।
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ॐ आप्यायन्तु ममाङ्गानि वाक्प्राणश्चक्षुः श्रोत्रमथो बलमिन्द्रियाणि च सर्वाणि । सर्वं ब्रह्मोपनिषदं माहं ब्रह्म निराकुर्यां मा मा ब्रह्म निराकरोदनिराकरणमस्त्वनिराकरणं मे अस्तु । तदात्मनि निरते य उपनिषत्सु धर्मास्ते मयि सन्तु ते मयि सन्तु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
beej mantraक्रौं
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mool mantraॐ चुं चण्डीश्वराय तेजस्याय चुं ॐ फट्
stotra mantraईशानः प्राणदः प्राणो ज्येष्ठः श्रेष्ठः प्रजापतिः । हिरण्यगर्भो भूगर्भो माधवो मधुसूदनः ॥ 12
dhyan mantraवसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्। देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥