ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
उग्र भैरव

उग्र भैरव उग्र मंत्र

ॐ नमो भगवते उग्र भैरवाय सर्वविघ्ननाशाय ठः ठः स्वाहा

सर्वविघ्ननाश, सांसारिक पाश से मुक्ति, घोर दुःख, रोग-विकार व प्रबल शत्रुओं का समूल नाश 12।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारउग्र मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

सर्वविघ्ननाश, सांसारिक पाश से मुक्ति, घोर दुःख, रोग-विकार व प्रबल शत्रुओं का समूल नाश 12।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

सर्वविघ्ननाश, सांसारिक पाश से मुक्ति, घोर दुःख, रोग-विकार व प्रबल शत्रुओं का समूल नाश

जाप विधि

उग्र भैरव अत्यंत भयंकर और संहारकारी स्वरूप हैं। तांत्रिक षट्कर्म की सिद्धि के लिए सद्गुरु के निर्देशानुसार कामना विशेष का संकल्प लेकर एकांत में रुद्राक्ष माला से जप किया जाता है 12।

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