भीम भैरव उग्र मंत्र
ॐ ह्रीं मैं भीमाय नमः
उग्र रक्षा, दैहिक और तांत्रिक सुरक्षा तथा विशेष तांत्रिक सिद्धियों की शीघ्र प्राप्ति 12।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
उग्र रक्षा, दैहिक और तांत्रिक सुरक्षा तथा विशेष तांत्रिक सिद्धियों की शीघ्र प्राप्ति 12।
इस मंत्र से क्या होगा?
उग्र रक्षा, दैहिक और तांत्रिक सुरक्षा तथा विशेष तांत्रिक सिद्धियों की शीघ्र प्राप्ति
जाप विधि
गुरु के निर्देशानुसार तंत्रोक्त विधि से पूर्णतः एकांत में और ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए साधना 12।
विशेष टिप्पणियाँ
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वसिष्ठकुम्भोद्भवगौतमार्य मुनीन्द्रदेवार्चितशेखराय। चन्द्रार्कवैश्वानरलोचनाय तस्मै व काराय नमः शिवाय॥ 19
sabar mantraझाड़ि झाड़ि कापड़ पिन्दि । वीर मुष्टे बांधि बाल । बुले एलाम मशान भूम होते भैरव। कटार हाते। लोहार बाड़ी। बाम हाते चामदड़ि। आज्ञा दिल राजा चुडं हाते । लोहार किला । मुद्गर धिनि। विगलि घुंडिकार आज्ञे 25
naam mantraराधिके
jap mantraॐ श्रीं गं गणपतये नमः
navgrah mantraॐ क्रीं क्रीं हूं हूं टं टङ्कधारिणे राहवे रं ह्रीं श्रीं भैं स्वाहा॥
shanti mantraॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः । सर्वे सन्तु निरामयाः । सर्वे भद्राणि पश्यन्तु । मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥