राहु नवग्रह मंत्र
ॐ क्रीं क्रीं हूं हूं टं टङ्कधारिणे राहवे रं ह्रीं श्रीं भैं स्वाहा॥
घोर तांत्रिक बाधाओं (अभिचार कर्म या काले जादू), विष प्रभाव, और ऊपरी हवा (Negative astral entities) के निवारण तथा शत्रुओं को भ्रमित करने हेतु यह शक्तिशाली आगम मंत्र है। 8
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
घोर तांत्रिक बाधाओं (अभिचार कर्म या काले जादू), विष प्रभाव, और ऊपरी हवा (Negative astral entities) के निवारण तथा शत्रुओं को भ्रमित करने हेतु यह शक्तिशाली आगम मंत्र है। 8
इस मंत्र से क्या होगा?
घोर तांत्रिक बाधाओं (अभिचार कर्म या काले जादू), विष प्रभाव, और ऊपरी हवा (Negative astral entities) के निवारण तथा शत्रुओं को भ्रमित करने हेतु यह शक्तिशाली आगम मंत्र है
जाप विधि
रात्रिकाल में शिव या कालभैरव आराधना के साथ भोजपत्र या अष्टधातु के राहु यंत्र के समक्ष हकीक या रुद्राक्ष की माला से जप। 8
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ एह् ऊ षु ब्रवाणि तेऽग्न इत्थेतरा गिरः । एभिर्वर्धास इन्दुभिः ॥
sabar mantraझाड़ि झाड़ि कापड़ पिन्दि । वीर मुष्टे बांधि बाल । बुले एलाम मशान भूम होते भैरव। कटार हाते। लोहार बाड़ी। बाम हाते चामदड़ि। आज्ञा दिल राजा चुडं हाते । लोहार किला । मुद्गर धिनि। विगलि घुंडिकार आज्ञे 25
kaamya mantraसर्वस्य बुद्धिरुपेण जनस्य हृदि संस्थिते। स्वर्गापवर्गदे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
dhyan mantraॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्यं करवावहै। तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
gyan mantraअहं ब्रह्मास्मि
bhakti mantraॐ श्री बालपरमेश्वर्यै नमः