त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) / परब्रह्म बीज बीज मंत्र
ॐ
ब्रह्मांडीय नाद ऊर्जा से सीधा जुड़ाव, असीम मानसिक शांति, त्रिदेवों की सम्मिलित कृपा, मन का पूर्ण शुद्धिकरण और समाधि (Samadhi) अवस्था की सर्वोच्च प्राप्ति 3।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
ब्रह्मांडीय नाद ऊर्जा से सीधा जुड़ाव, असीम मानसिक शांति, त्रिदेवों की सम्मिलित कृपा, मन का पूर्ण शुद्धिकरण और समाधि (Samadhi) अवस्था की सर्वोच्च प्राप्ति 3।
इस मंत्र से क्या होगा?
ब्रह्मांडीय नाद ऊर्जा से सीधा जुड़ाव, असीम मानसिक शांति, त्रिदेवों की सम्मिलित कृपा, मन का पूर्ण शुद्धिकरण और समाधि (Samadhi) अवस्था की सर्वोच्च प्राप्ति
जाप विधि
सुबह 4 बजे से या ध्यान (Meditation) प्रारंभ करने से पूर्व, आज्ञा चक्र पर ध्यान लगाते हुए एकांत और शांत स्थान पर स्पष्ट उच्चारण के साथ जपें 3।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
देवि प्रसीद परिपालय नोऽरिभीतेर्नित्यं यथासुरवधादधुनैव सद्यः। पापानि सर्वजगतां प्रशमं नयाशु उत्पातपाकजनितांश्च महोपसर्गान्॥
bhakti mantraॐ श्री बालपरमेश्वर्यै नमः
tantrik mantraॐ ऐं ऐं महाभैरवि एहि एहि ईशानदिशायां बन्धय बन्धय ईशानमुखं स्तम्भय स्तम्भय ईशानशस्त्रं निवारय निवारय सर्वसैन्यं कीलय कीलय पच पच मथ मथ मर्दय मर्दय ॐ ह्लीं वश्यं कुरु करु ॐ ह्लां बगलामुखि हुं फट् स्वाहा
mool mantraॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
navgrah mantraॐ अं अंगारकाय नमः (अथवा ॐ भौमाय नमः)
vaidik mantraॐ अप्सरासु च या मेधा गन्धर्वेषु च यन्मनः । दैवीं मेधा सरस्वती सा मां मेधा सुरभिर्जुषतां स्वाहा ॥