ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
माँ काली (महाकाली) बीज

माँ काली (महाकाली) बीज बीज मंत्र

क्लीं

असीमित आकर्षण शक्ति, आध्यात्मिक चुंबकत्व की प्राप्ति, अज्ञानता रूपी अंधकार का नाश और देवी के प्रति प्रगाढ़ भक्ति 16।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारबीज मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

असीमित आकर्षण शक्ति, आध्यात्मिक चुंबकत्व की प्राप्ति, अज्ञानता रूपी अंधकार का नाश और देवी के प्रति प्रगाढ़ भक्ति 16।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

असीमित आकर्षण शक्ति, आध्यात्मिक चुंबकत्व की प्राप्ति, अज्ञानता रूपी अंधकार का नाश और देवी के प्रति प्रगाढ़ भक्ति

जाप विधि

शांत मन से 108 बार स्फटिक या रुद्राक्ष माला से जपें 16।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

ugra mantra

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे

jap mantra

ॐ नमः शिवाय

mool mantra

ॐ भ्रं भैरवाय नमः

gyan mantra

ॐ भूर्भुवः स्वः । तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् ॥

kaamya mantra

ॐ पातु शिरसि नित्यं पातु ह्रीं कण्ठदेशके। नृसिंह पातु हृदये आपदुद्धारणाय च॥

kavach mantra

ऊरू रघूत्तमः पातु रक्षःकुलविनाशकृत्। जानुनी सेतुकृत् पातु जङ्घे दशमुखान्तकः। पादौ विभीषणश्रीदः पातु रामोऽखिलं वपुः। एतां रामबलोपेतां रक्षां यः सुकृती पठेत्। स चिरायुः सुखी पुत्री विजयी विनयी भवेत्। पातालभूतलव्योम- चारिणश्छद्मचारिणः। न द्रष्टुमपि शक्तास्ते रक्षितं रामनामभिः। रामेति रामभद्रेति रामचन्द्रेति वा स्मरन्। नरो न लिप्यते पापैर्भुक्तिं मुक्तिं च विन्दति। जगज्जैत्रैकमन्त्रेण रामनाम्नाभिरक्षितम्। यः कण्ठे धारयेत्तस्य करस्थाः सर्वसिद्धयः। वज्रपञ्जरनामेदं यो रामकवचं स्मरेत्। अव्याहताज्ञः सर्वत्र लभते जयमङ्गलम्। 34