मातृका देवी / वर्णेश्वरी (आज्ञा चक्र की पंखुड़ियाँ) बीज बीज मंत्र
हं, क्षं
यह शिव और शक्ति का परम मिलन है, जो असीम अंतर्ज्ञान (Intuition), दिव्य दृष्टि और द्वैत भाव का विनाश सुनिश्चित करता है 3।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
यह शिव और शक्ति का परम मिलन है, जो असीम अंतर्ज्ञान (Intuition), दिव्य दृष्टि और द्वैत भाव का विनाश सुनिश्चित करता है 3।
इस मंत्र से क्या होगा?
यह शिव और शक्ति का परम मिलन है, जो असीम अंतर्ज्ञान (Intuition), दिव्य दृष्टि और द्वैत भाव का विनाश सुनिश्चित करता है
जाप विधि
भ्रूमध्य (Third Eye) की दो पंखुड़ियों पर ध्यान करते हुए जप 2।
विशेष टिप्पणियाँ
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ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
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