भगवान गणेश बीज बीज मंत्र
ग्लौं
इसमें 'ग' गणेश, 'ल' व्यापकता, और 'औ' तेज का प्रतीक है। यह भगवान गणेश को अत्यंत प्रसन्न करता है, व्यापक रूप से दुखों का नाश करता है और साधक को अद्वितीय तेज व प्रतिभा प्रदान करता है 13।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
इसमें 'ग' गणेश, 'ल' व्यापकता, और 'औ' तेज का प्रतीक है। यह भगवान गणेश को अत्यंत प्रसन्न करता है, व्यापक रूप से दुखों का नाश करता है और साधक को अद्वितीय तेज व प्रतिभा प्रदान करता है 13।
इस मंत्र से क्या होगा?
इसमें 'ग' गणेश, 'ल' व्यापकता, और 'औ' तेज का प्रतीक है
यह भगवान गणेश को अत्यंत प्रसन्न करता है, व्यापक रूप से दुखों का नाश करता है और साधक को अद्वितीय तेज व प्रतिभा प्रदान करता है
जाप विधि
नित्य 108 बार शुद्ध मन से जप करें 13।
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ॐ अग्निं दूतं वृणीमहे होतारं विश्ववेदसम् । अस्य यज्ञस्य सुक्रतुम् ॥
sabar mantraक्रिम कामाख्या माई निज भैरव के संग आई देवे मनोवांछित सिद्धि पूरे सब कामना लेवे अडहुल का फूल सब स्त्री तोरा रूप मनसा पूरो माई तो शंकर की दुहाई क्रिंग क्रिंग क्रीम 18
dhyan mantraगुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुर्गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुरेव परंब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
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gyan mantraआ मां मेधा सुरभिर्विश्वरुपा हिरण्यवर्णा जगती जगम्या । ऊर्जस्वती पयसा पिन्वमाना सा मां मेधा सुप्रतीका जुषन्ताम् ॥
bhakti mantraॐ श्री गणपतये नमः