जगदम्बा काम्य मंत्र
देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूत्र्या। तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां भक्त्या नताः स्म विदधातु शुभानि सा नः॥
समाज, राष्ट्र और विश्व का सामूहिक कल्याण 28।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
समाज, राष्ट्र और विश्व का सामूहिक कल्याण 28।
इस मंत्र से क्या होगा?
समाज, राष्ट्र और विश्व का सामूहिक कल्याण
जाप विधि
लोक कल्याण हेतु सामूहिक रूप से या व्यक्तिगत सम्पुटित पाठ 28।
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mool mantraॐ ऐं ऐं मनो वाञ्छित सिद्धये ऐं ऐं ॐ
ugra mantraॐ धूं धूं धूं धूमावती माम रक्ष रक्ष शीघ्रम शीघ्रमाच्छा गच्छ क्षिप्रमेव आरोग्यम कुरु कुरु हुम फट धूम धूम धूमावती स्वाहा
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