जगदम्बा काम्य मंत्र
देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूत्र्या। तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां भक्त्या नताः स्म विदधातु शुभानि सा नः॥
समाज, राष्ट्र और विश्व का सामूहिक कल्याण 28।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
समाज, राष्ट्र और विश्व का सामूहिक कल्याण 28।
इस मंत्र से क्या होगा?
समाज, राष्ट्र और विश्व का सामूहिक कल्याण
जाप विधि
लोक कल्याण हेतु सामूहिक रूप से या व्यक्तिगत सम्पुटित पाठ 28।
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क्रीं कालिकायै स्वाहा मम नाभिं सदावतु ॥ ह्रीं कालिकायै स्वाहा मम पृष्ठं सदावतु । रक्तबीजविनाशिन्यै स्वाहा हस्तौ सदावतु ॥ नीलुत्वल दलश्यामा शत्रु संघ विदारणी नरमुंड तथा खगम कमलम च वरम तथा निर्भयाम रक्त बदनाम दस्ताली घोर रूपणी शवासनताम काली मुंडमाला विभूषिताम सर्वाङ्गं पातु मे देवी सर्व संपत् करे शुभे सर्व देव स्तु ते देवी कालिके तवाम नमाम यहम 23
siddh mantraॐ मं महिमायै नमः स्वाहा ।
jap mantraॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
beej mantraभ्रीं
dhyan mantraया कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। या ब्रह्माच्युतशङ्करप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
ugra mantraॐ ऐं ह्रीं क्लीं प्रत्यंगिरे सर्वदुष्टान प्राचं छिन्धि छिन्धि