जगदम्बा काम्य मंत्र
देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूत्र्या। तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां भक्त्या नताः स्म विदधातु शुभानि सा नः॥
समाज, राष्ट्र और विश्व का सामूहिक कल्याण 28।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
समाज, राष्ट्र और विश्व का सामूहिक कल्याण 28।
इस मंत्र से क्या होगा?
समाज, राष्ट्र और विश्व का सामूहिक कल्याण
जाप विधि
लोक कल्याण हेतु सामूहिक रूप से या व्यक्तिगत सम्पुटित पाठ 28।
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भ्रामरी
jap mantraॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
siddh mantraॐ ह्रीं गं हस्ति-पिशाचि-लिखे स्वाहा ।
bhakti mantraॐ नमो भगवते वासुदेवाय
gyan mantraॐ असतो मा सद्गमय । तमसो मा ज्योतिर्गमय । मृत्योर्मा अमृतं गमय ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
kavach mantraशम्भुर्मे मस्तकं पातु मुखं पातु महेश्वरः। दन्तपङ्क्तिं च नीलकण्ठोऽप्यधरोष्ठं हरः स्वयम्। कण्ठं पातु चन्द्रचूडः स्कन्धौ वृषवाहनः। वक्षःस्थलं नीलकण्ठः पातु पृष्ठं दिगम्बरः। स्वप्ने जागरणे चैव स्थाणुर्मे पातु सन्ततम्। 8