ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
विश्वेश्वरी

विश्वेश्वरी काम्य मंत्र

विश्वेश्वरि त्वं परिपासि विश्वं विश्वात्मिका धारयसीति विश्वम्। विश्वेशवन्द्या भवती भवन्ति विश्वाश्रया ये त्वयि भक्तिनम्राः॥

सम्पूर्ण विश्व का अभ्युदय और समृद्धि 28।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारकाम्य मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

सम्पूर्ण विश्व का अभ्युदय और समृद्धि 28।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

सम्पूर्ण विश्व का अभ्युदय और समृद्धि

जाप विधि

विश्व शांति और समृद्धि हेतु नित्य जप 28।

विशेष टिप्पणियाँ

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