विश्वेश्वरी काम्य मंत्र
विश्वेश्वरि त्वं परिपासि विश्वं विश्वात्मिका धारयसीति विश्वम्। विश्वेशवन्द्या भवती भवन्ति विश्वाश्रया ये त्वयि भक्तिनम्राः॥
सम्पूर्ण विश्व का अभ्युदय और समृद्धि 28।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
सम्पूर्ण विश्व का अभ्युदय और समृद्धि 28।
इस मंत्र से क्या होगा?
सम्पूर्ण विश्व का अभ्युदय और समृद्धि
जाप विधि
विश्व शांति और समृद्धि हेतु नित्य जप 28।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
सौम्यं सौम्यगुणोपेतं तं बुधं प्रणमाम्यहम् ॥ 35
mool mantraॐ ऐं इन्द्राय नमः (वैवाहिक सिद्धि हेतु: ॐ लं इन्द्राय नमः)
ugra mantraअं ङं ञं णं नं मं
shanti mantraॐ आप्यायन्तु ममाङ्गानि वाक्प्राणश्चक्षुः श्रोत्रमथो बलमिन्द्रियाणि च सर्वाणि । सर्वं ब्रह्मोपनिषदं माहं ब्रह्म निराकुर्यां मा मा ब्रह्म निराकरोदनिराकरणमस्त्वनिराकरणं मे अस्तु । तदात्मनि निरते य उपनिषत्सु धर्मास्ते मयि सन्तु ते मयि सन्तु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
bhakti mantraहरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे
vaidik mantraॐ समानी व आकूतिः समाना हृदयानि वः । समानमस्तु वो मनो यथा वः सुसहासति ॥