विश्वेश्वरी काम्य मंत्र
विश्वेश्वरि त्वं परिपासि विश्वं विश्वात्मिका धारयसीति विश्वम्। विश्वेशवन्द्या भवती भवन्ति विश्वाश्रया ये त्वयि भक्तिनम्राः॥
सम्पूर्ण विश्व का अभ्युदय और समृद्धि 28।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सम्पूर्ण विश्व का अभ्युदय और समृद्धि 28।
इस मंत्र से क्या होगा?
सम्पूर्ण विश्व का अभ्युदय और समृद्धि
जाप विधि
विश्व शांति और समृद्धि हेतु नित्य जप 28।
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