भगवान हनुमान (मूल मंत्र) मूल मंत्र
ॐ श्री हनुमते नमः
मानसिक और शारीरिक दुर्बलता का नाश, अदम्य साहस एवं बल की प्राप्ति, तथा दुर्घटनाओं व संकटों से सुरक्षा 1।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
मानसिक और शारीरिक दुर्बलता का नाश, अदम्य साहस एवं बल की प्राप्ति, तथा दुर्घटनाओं व संकटों से सुरक्षा 1।
इस मंत्र से क्या होगा?
मानसिक और शारीरिक दुर्बलता का नाश, अदम्य साहस एवं बल की प्राप्ति, तथा दुर्घटनाओं व संकटों से सुरक्षा
जाप विधि
मंगलवार या शनिवार को लाल आसन पर बैठकर, लाल चंदन अथवा रुद्राक्ष की माला से १०८ बार जप करें 1।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ ह्रीं श्रीं शर्वाय नमः
kaamya mantraप्रणतानां प्रसीद त्वं देवि विश्वार्तिहारिणि। त्रैलोक्यवासिनामीड्ये लोकानां वरदा भव॥
shanti mantraॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवाः । भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः । स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवागँसस्तनूभिः । व्यशेम देवहितं यदायूः । स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः । स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः । स्वस्ति नस्ताक्षर्यो अरिष्टनेमिः । स्वस्ति नो वृहस्पतिर्दधातु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
vaidik mantraॐ येनेदं भूतं भुवनं भविष्यत् परिगृहीतममृतेन सर्वम् । येन यज्ञस्तायते सप्तहोता तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु ।।
dhyan mantraध्येयः सदा सवितृमण्डलमध्यवर्ती नारायणः सरसिजासनसन्निविष्टः। केयूरवान्मकरकुण्डलवान् किरीटी हारी हिरण्मयवपुर्धृतशङ्खचक्रः॥
navgrah mantraॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः॥