चंद्र मूल मंत्र
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्राय नमः (सामान्य मूल: ॐ चंद्राय नमः)
मानसिक अवसाद (Depression) का नाश, भावनाओं पर नियंत्रण, कुण्डली के चंद्र दोष का निवारण तथा जीवन में अपार सुख-समृद्धि व शांति की प्राप्ति 47।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
मानसिक अवसाद (Depression) का नाश, भावनाओं पर नियंत्रण, कुण्डली के चंद्र दोष का निवारण तथा जीवन में अपार सुख-समृद्धि व शांति की प्राप्ति 47।
इस मंत्र से क्या होगा?
मानसिक अवसाद (Depression) का नाश, भावनाओं पर नियंत्रण, कुण्डली के चंद्र दोष का निवारण तथा जीवन में अपार सुख-समृद्धि व शांति की प्राप्ति
जाप विधि
सोमवार की सायं या रात्रि में श्वेत वस्त्र धारण कर उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर मुख करके मोती या स्फटिक की माला से जप करें। अनुष्ठान की स्थिति में ४० दिनों में ११,००० जप पूर्ण करें 47।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ ह्रीं ऐं मातंग्यै नमः
shanti mantraॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवाः । भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः । स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवागँसस्तनूभिः । व्यशेम देवहितं यदायूः । स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः । स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः । स्वस्ति नस्ताक्षर्यो अरिष्टनेमिः । स्वस्ति नो वृहस्पतिर्दधातु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
stotra mantraविष्णवे जिष्णवे शंखिने चक्रिणे रुक्मिणीरागिणे जानकीजानये। वल्लवीवल्लभायार्चितायात्मने कंसविध्वंसिने वंशिने ते नम:।। 9
dhyan mantraवसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्। देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥
ugra mantraॐ ह्रीं मैं भीमाय नमः
beej mantraहं, क्षं