ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
देवराज इंद्र (पृथ्वी तत्व) बीज

देवराज इंद्र (पृथ्वी तत्व) बीज बीज मंत्र

लं

शरीर में पृथ्वी तत्व की जागृति, अत्यधिक भौतिक स्थिरता, देवराज इंद्र के समान ऐश्वर्य और जीवन में आधारभूत सुरक्षा (Foundation) की प्राप्ति 52।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारबीज मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

शरीर में पृथ्वी तत्व की जागृति, अत्यधिक भौतिक स्थिरता, देवराज इंद्र के समान ऐश्वर्य और जीवन में आधारभूत सुरक्षा (Foundation) की प्राप्ति 52।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

शरीर में पृथ्वी तत्व की जागृति, अत्यधिक भौतिक स्थिरता, देवराज इंद्र के समान ऐश्वर्य और जीवन में आधारभूत सुरक्षा (Foundation) की प्राप्ति

जाप विधि

मूलाधार चक्र (Root Chakra) पर पूर्ण ध्यान केंद्रित करते हुए 108 बार जप करें 19।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

shanti mantra

ॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवाः । भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः । स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवागँसस्तनूभिः । व्यशेम देवहितं यदायूः । स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः । स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः । स्वस्ति नस्ताक्षर्यो अरिष्टनेमिः । स्वस्ति नो वृहस्पतिर्दधातु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

kaamya mantra

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

stotra mantra

सर्वमङ्गलमङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥ 24

mool mantra

ॐ श्रीं बं सौं बलवर्धनाय बालेश्वराय रुद्राय फट् ॐ

dhyan mantra

सोऽहम्

navgrah mantra

ॐ ह्रीं क्रूं क्रूररूपिणे केतवे ऐं सौः स्वाहा॥