शुक्र देव बीज बीज मंत्र
द्रीं
प्रचुर भौतिक सुख, असीम विलासिता (Luxury) और समृद्धि की तीव्र प्राप्ति 68।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
प्रचुर भौतिक सुख, असीम विलासिता (Luxury) और समृद्धि की तीव्र प्राप्ति 68।
इस मंत्र से क्या होगा?
प्रचुर भौतिक सुख, असीम विलासिता (Luxury) और समृद्धि की तीव्र प्राप्ति
जाप विधि
प्रातः काल 108 बार जप 62।
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ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
kavach mantraॐ भूर्भुव: स्व: प्रांचामा पातु भूतेशः अग्ने पातु शंकर दक्षिणे पातुमा रुद्रो नैऋत्य स्थानु रेवच पश्चिमे खंड परशु वायव्या चंद्रशेखर उत्तरे गिरीशः पातु चैशान्य ईश्वर स्वयं उर्ध्वे मुंड सदा पातु चाध्य मृत्युंजय स्वयं जले स्थले चांदरीक्षे स्वप्ने जागरने सदा पिना कितुमा प्रीत्या भक्तम वैभक्त वत्सल य: सदा धारयेन्मर्त्य: शैवं कवचमुत्तमम् । न तस्य जायते क्वापि भयं शंभोरनुग्रहात् ॥ 30॥ इति अमोघ शिव कवच सम्पूर्ण ॥ 4
ugra mantraॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
dhyan mantraध्यायेन्नित्यं महेशं रजतगिरिनिभं चारुचंद्रावतंसं रत्नाकल्पोज्ज्वलांगं परशुमृगवराभीतिहस्तं प्रसन्नम्। पद्मासीनं समंतात्स्थितममरगणैर्व्याघ्रकृत्तिं वसानं विश्वाद्यं विश्वबीजं निखिलभयहरं पंचवक्त्रं त्रिनेत्रम्॥
stotra mantraदुर्गेष्वटव्याजिमुखादिषु प्रभुः पायान्नृसिंहोऽसुरयुथपारिः। विमुञ्चतो यस्य महाट्टहासं दिशो विनेदुर्न्यपतंश्च गर्भाः।। 7
shanti mantraॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः । सर्वे सन्तु निरामयाः । सर्वे भद्राणि पश्यन्तु । मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥