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उद्देश्य अनुसार मंत्र
वरुण देव (जल तत्व) बीज

वरुण देव (जल तत्व) बीज बीज मंत्र

वं

जल तत्व का पूर्ण संतुलन, दबी हुई नकारात्मक भावनाओं का शुद्धिकरण, यौन ऊर्जा का रूपांतरण और शरीर में ऊर्जा का निर्बाध प्रवाह 52।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारबीज मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

जल तत्व का पूर्ण संतुलन, दबी हुई नकारात्मक भावनाओं का शुद्धिकरण, यौन ऊर्जा का रूपांतरण और शरीर में ऊर्जा का निर्बाध प्रवाह 52।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

जल तत्व का पूर्ण संतुलन, दबी हुई नकारात्मक भावनाओं का शुद्धिकरण, यौन ऊर्जा का रूपांतरण और शरीर में ऊर्जा का निर्बाध प्रवाह

जाप विधि

नाभि के नीचे स्वाधिष्ठान चक्र (Sacral Chakra) पर ध्यान केंद्रित करते हुए 108 बार जप करें 19।

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