ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
श्री हनुमान (रामदूत स्वरूप)

श्री हनुमान (रामदूत स्वरूप) ध्यान मंत्र

मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥

मन की चंचलता को नियंत्रित करना, इंद्रियों को वश में करने की शक्ति (जितेंद्रियता) प्राप्त करना, और तुरंत मानसिक शांति प्राप्त करना।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारध्यान मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

मन की चंचलता को नियंत्रित करना, इंद्रियों को वश में करने की शक्ति (जितेंद्रियता) प्राप्त करना, और तुरंत मानसिक शांति प्राप्त करना।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

मन की चंचलता को नियंत्रित करना, इंद्रियों को वश में करने की शक्ति (जितेंद्रियता) प्राप्त करना, और तुरंत मानसिक शांति प्राप्त करना

जाप विधि

सुखासन में बैठकर आँखें बंद करें। बिना किसी दिखावे के, कोमल स्वर में या मानसिक रूप से पूर्ण श्रद्धा के साथ जप करें। हनुमान जी की वायु के समान तीव्र और जितेंद्रिय छवि का स्मरण करें।

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