श्री राम जप मंत्र
श्री राम जय राम जय जय राम
सर्व बाधाओं एवं विपत्तियों का त्वरित निवारण, पूर्ण शरणागति, और अमोघ शांति की प्राप्ति। 40
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सर्व बाधाओं एवं विपत्तियों का त्वरित निवारण, पूर्ण शरणागति, और अमोघ शांति की प्राप्ति। 40
इस मंत्र से क्या होगा?
सर्व बाधाओं एवं विपत्तियों का त्वरित निवारण, पूर्ण शरणागति, और अमोघ शांति की प्राप्ति
जाप विधि
१३ अक्षरीय महामंत्र, १०८ बार या अष्टयाम निरंतर मानसिक/वाचिक जप, तुलसी माला। 39
विशेष टिप्पणियाँ
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ॐ श्लीं पशु हुं फट्
kavach mantraशम्भुर्मे मस्तकं पातु मुखं पातु महेश्वरः। दन्तपङ्क्तिं च नीलकण्ठोऽप्यधरोष्ठं हरः स्वयम्। कण्ठं पातु चन्द्रचूडः स्कन्धौ वृषवाहनः। वक्षःस्थलं नीलकण्ठः पातु पृष्ठं दिगम्बरः। स्वप्ने जागरणे चैव स्थाणुर्मे पातु सन्ततम्। 8
beej mantraह्रां
dhyan mantraशान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिहृद्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥
ugra mantra॥ धूं धूं धूमावती ठ: ठ: ॥
shanti mantraॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षं शान्तिः पृथिवी शान्तिरापः शान्तिरोषधयः शान्तिः । वनस्पतयः शान्तिर्विश्वेदेवाः शान्तिर्ब्रह्म शान्तिः सर्वं शान्तिः शान्तिरेव शान्तिः सा मा शान्तिरेधि ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥